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केंद्र सरकार की सख्त चेतावनी, नियम तोड़ने वाले टीवी चैनलों पर होगी कार्रवाई
Ratna Netam
21 Oct 2026 8:32 PM IST

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के सभी निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों को समाचार और अन्य कार्यक्रमों के प्रसारण में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को आठ सूत्रीय एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया कि आतंकवाद विरोधी अभियानों की लाइव कवरेज, हिंसा के परेशान करने वाले दृश्य और सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाली सामग्री के प्रसारण से बचना जरूरी है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करने वाले चैनलों के खिलाफ केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने समाचार चैनलों को जिम्मेदार पत्रकारिता और प्रसारण मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
सभी निजी टीवी चैनलों को जारी हुई एडवाइजरी
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश में संचालित सभी निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों को कार्यक्रम संहिता यानी प्रोग्राम कोड का पालन करने की सलाह दी है।मंत्रालय ने कहा कि समाचार और अन्य कार्यक्रमों का प्रसारण करते समय राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक सद्भाव और दर्शकों की संवेदनशीलता का ध्यान रखना आवश्यक है।सरकार ने स्पष्ट किया कि केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के अंतर्गत निर्धारित मानकों का पालन प्रत्येक संबंधित प्रसारक की जिम्मेदारी है।एडवाइजरी का उद्देश्य ऐसी सामग्री के प्रसारण को रोकना है, जिससे समाज में तनाव पैदा हो या किसी व्यक्ति अथवा समुदाय की सुरक्षा प्रभावित हो।
आतंकी अभियानों की लाइव कवरेज पर रोक
मंत्रालय की एडवाइजरी में आतंकवाद विरोधी अभियानों की लाइव कवरेज को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है।सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनकी गतिविधियों, रणनीति या संवेदनशील जानकारियों का सीधा प्रसारण सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।ऐसे प्रसारण से आतंकियों को सुरक्षा बलों की स्थिति और कार्रवाई के बारे में जानकारी मिलने की आशंका रहती है।इसी कारण मंत्रालय ने चैनलों से कहा है कि वे सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें और ऐसी संवेदनशील जानकारी प्रसारित न करें, जिससे अभियान प्रभावित हो सकता है।
हिंसा और परेशान करने वाले दृश्यों पर सख्ती
सरकार ने समाचार चैनलों को अपराध, दुर्घटनाओं और हिंसक घटनाओं की कवरेज में संयम बरतने की सलाह दी है।मंत्रालय ने कहा कि अत्यधिक हिंसक, रक्तरंजित या दर्शकों को विचलित करने वाले दृश्यों का अनावश्यक प्रसारण नहीं किया जाना चाहिए।इस तरह के दृश्यों से विशेष रूप से बच्चों और संवेदनशील दर्शकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।मंत्रालय ने अपराध और हिंसा से जुड़ी खबरों को सनसनीखेज बनाने से भी बचने को कहा है।
सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री पर चेतावनी
एडवाइजरी में धार्मिक और सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।मंत्रालय ने कहा कि किसी धर्म, समुदाय या सामाजिक समूह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी, भड़काऊ भाषण अथवा नफरत फैलाने वाली सामग्री का प्रसारण प्रोग्राम कोड के विरुद्ध हो सकता है।इसके अलावा हिंसा भड़काने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या देश की अखंडता को प्रभावित करने वाली सामग्री दिखाने पर भी प्रतिबंध लागू हैं।सरकार ने समाचार चैनलों को संवेदनशील मुद्दों पर आयोजित चर्चाओं और बहसों के दौरान भी जिम्मेदारी बरतने के निर्देश दिए है
एआई के दुरुपयोग को लेकर भी चिंता
मंत्रालय ने समाचार निर्माण और प्रसारण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गलत इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी है।एआई से तैयार भ्रामक वीडियो, तस्वीरें या अन्य सामग्री दर्शकों को गलत जानकारी दे सकती हैं।ऐसे में समाचार चैनलों से अपेक्षा की गई है कि वे प्रसारण से पहले सामग्री की प्रामाणिकता जांचें।विशेष रूप से संवेदनशील मामलों में तकनीक से तैयार दृश्यों को वास्तविक घटनाओं के रूप में प्रस्तुत करने से बचना जरूरी है।
नियमों के उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करने वाले चैनलों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और संबंधित नियमों के अंतर्गत प्रसारण सामग्री की निगरानी और शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था मौजूद है।नियमों के तहत चेतावनी, माफी प्रसारित करने का निर्देश और गंभीर मामलों में प्रसारण पर अस्थायी रोक जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।मंत्रालय के अनुसार, टीवी चैनलों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था भी निर्धारित है। इसमें प्रसारक, स्वनियामक संस्थाएं और केंद्र सरकार की निगरानी व्यवस्था शामिल हैं।
जिम्मेदार पत्रकारिता सुनिश्चित करने पर जोर
मंत्रालय ने कहा कि समाचार चैनलों की जिम्मेदारी केवल सूचना पहुंचाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रसारित सामग्री तथ्यात्मक, संतुलित और निर्धारित नियमों के अनुरूप हो।आतंकवाद, अपराध, सांप्रदायिक तनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।सरकार की इस एडवाइजरी के बाद निजी सैटेलाइट चैनलों को अपनी संपादकीय और प्रसारण प्रक्रियाओं की समीक्षा करनी होगी, ताकि संवेदनशील सामग्री के प्रसारण में नियमों का उल्लंघन न हो।
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