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सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करने और डेमोग्राफिक बदलाव पर सख्त रुख : Amit Shah

Kavita2
5 Jun 2026 2:57 PM IST
सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करने और डेमोग्राफिक बदलाव पर सख्त रुख : Amit Shah
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Delhi दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार देश की सीमाओं की सुरक्षा में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार में डेमोग्राफिक बदलाव को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।

अमित शाह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए व्यापक स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीमा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई तकनीक और संसाधनों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ या अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।

गृह मंत्री ने अपने बयान में कहा, “पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार में डेमोग्राफिक बदलाव बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे… केंद्र इंटरनेशनल सीमाओं की सुरक्षा में कमियों को दूर करने की पूरी कोशिश कर रहा है।” उनके इस बयान को सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर सरकार की सख्त नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ और जनसंख्या संरचना में बदलाव से सामाजिक और सुरक्षा दोनों तरह की चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। इसी कारण केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा बलों और अन्य एजेंसियों के सहयोग से निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।

अमित शाह ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा केवल सैन्य या पुलिस व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रशासनिक और तकनीकी सुधार भी जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ड्रोन, सर्विलांस सिस्टम और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर सीमा सुरक्षा को मजबूत कर रही है।

इस बीच राजनीतिक हलकों में गृह मंत्री के बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं, जबकि सरकार समर्थक इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती राज्यों में जनसांख्यिकीय बदलाव और अवैध प्रवास का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है, और सरकार के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में इस दिशा में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

केंद्र सरकार ने पहले भी सीमा सुरक्षा को लेकर कई योजनाएं और अभियान शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य अवैध घुसपैठ को रोकना और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना रहा है।

अमित शाह के इस बयान के बाद यह स्पष्ट है कि सरकार सीमा सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन को लेकर अपनी नीति में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती।

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