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दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ते ही सख्ती, बिना PUC वाहन चलाने वालों की खैर नहीं
Ratna Netam
22 Oct 2026 5:39 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों, यातायात जाम और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यावसायिक वाहनों का गंतव्य दिल्ली नहीं है, उन्हें सीमा पर ही वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा। इसके अलावा वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना चलने वाले वाहनों के खिलाफ भी सख्ती बढ़ाई जाएगी।वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 245 दर्ज होने के बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर में GRAP का पहला चरण तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया था। यह स्तर खराब वायु गुणवत्ता की श्रेणी में आता है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदूषण रोकने के लिए तैयार की रणनीति
दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) विजयंता गोयल आर्य ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।उन्होंने कहा कि दिल्ली के प्रमुख चौराहों, व्यस्त सड़कों और यातायात जाम वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।इसका उद्देश्य वाहनों की लंबी कतारों को कम करना और ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखना है। जाम में फंसे वाहनों से होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण की समस्या को बढ़ा सकता है।आर्य ने बताया कि पुलिस प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का पालन कराने के लिए निगरानी बढ़ाएगी।
दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे गैरजरूरी ट्रक
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन मालवाहक वाहनों का अंतिम गंतव्य दिल्ली नहीं है, उन्हें दिल्ली में प्रवेश करने के बजाय निर्धारित वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा।ऐसे वाहनों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से आगे बढ़ाने की व्यवस्था लागू की जाएगी।इसका उद्देश्य दिल्ली की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम करना और अनावश्यक उत्सर्जन को रोकना है।GRAP के पहले चरण में दिल्ली के लिए निर्धारित नहीं किए गए ट्रकों के मार्ग परिवर्तन संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन कराने का प्रावधान है।
बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों पर कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजयंता गोयल आर्य ने वाहन चालकों से अपने साथ वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखने की अपील की है।उन्होंने कहा कि जिन वाहनों के पीयूसी प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है, उनके खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी।प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान के लिए विशेष निगरानी की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।अधिकारियों ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों की प्रदूषण जांच करवा लें।
GRAP के पहले चरण में क्या-क्या पाबंदियां?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की संशोधित योजना के अनुसार, AQI 201 से 300 के बीच पहुंचने पर GRAP का पहला चरण लागू किया जाता है।इस चरण में सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाता है।इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की निगरानी बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने और यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।सितंबर 2026 में संशोधित नियमों के तहत कुछ अंतरराज्यीय बसों से संबंधित प्रतिबंध भी पहले चरण में शामिल किए गए हैं। निर्धारित मानकों के अनुसार इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 मानक वाली डीजल बसों को अनुमति दी गई है।
स्कूल और कार्यालयों पर फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं
GRAP का पहला चरण लागू होने के बावजूद दिल्ली में स्कूलों और कार्यालयों को बंद करने का निर्देश नहीं दिया गया है।इस चरण का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण लगाना और वायु गुणवत्ता को अधिक खराब होने से रोकना है।वायु गुणवत्ता में और गिरावट आने पर आयोग परिस्थितियों की समीक्षा करके अतिरिक्त उपाय लागू कर सकता है।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक निजी वाहन उपयोग से बचें और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।वाहन चालकों को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की वैधता जांचने और अपने वाहनों का नियमित रखरखाव करने की सलाह दी गई है।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि यातायात व्यवस्था सुधारने और प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन कराने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में GRAP के पहले चरण के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का प्रयास है कि सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की स्थिति और गंभीर होने से पहले आवश्यक नियंत्रण उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं।
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