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पत्थरबाजी मामला: आरोपियों के वकील का दावा, पुलिस के पास ठोस सबूत नहीं, बेल पर मंगलवार को सुनवाई

SHIDDHANT
9 Jan 2026 9:31 PM IST
पत्थरबाजी मामला: आरोपियों के वकील का दावा, पुलिस के पास ठोस सबूत नहीं, बेल पर मंगलवार को सुनवाई
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Delhi दिल्ली। तुर्कमान गेट इलाके में हुई कथित पत्थरबाजी की घटना से जुड़े मामले में आरोपियों की जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान आरोपियों के वकील नदीम खान ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा है। मीडिया से बातचीत में वकील नदीम खान ने बताया कि वह इस मामले में दो आरोपियों—अदनान और समीर—की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को अदालत में दोनों आरोपियों की जमानत याचिका पर बहस हुई, जिसमें बचाव पक्ष ने विस्तृत आधार (ग्राउंड्स) अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।
नदीम खान ने कहा, “आज हमारी बेल पर बहस हुई। हमने दोनों आरोपियों के लिए जमानत के समर्थन में अतिरिक्त ग्राउंड्स दाखिल किए हैं। अदालत ने हमारी दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए मंगलवार की तारीख तय की है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी पहली जमानत याचिका के जवाब में पुलिस द्वारा दाखिल स्टेटस रिपोर्ट पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। वकील का कहना है कि पुलिस की ओर से अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो सके कि अदनान और समीर का कथित पत्थरबाजी की घटना में सीधा कोई रोल था।
वकील नदीम खान के अनुसार, आरोपियों को बिना पर्याप्त जांच के गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप महज संदेह और सामान्य बयानों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि जमानत याचिका में यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि न तो कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह है और न ही कोई तकनीकी या वैज्ञानिक साक्ष्य, जो आरोपियों को घटना से जोड़ता हो। बचाव पक्ष का यह भी तर्क है कि दोनों आरोपी स्थानीय निवासी हैं, उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।
इस मामले को लेकर इलाके में पहले ही काफी तनाव का माहौल रहा है और पुलिस ने पत्थरबाजी की घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया था। हालांकि, बचाव पक्ष का आरोप है कि कई गिरफ्तारियां बिना ठोस आधार के की गईं।अदालत अब मंगलवार को जमानत याचिका पर अगली सुनवाई करेगी, जिसमें अभियोजन पक्ष को अपने तर्क और सबूत विस्तार से रखने होंगे। इस सुनवाई पर आरोपियों के परिवारों और स्थानीय लोगों की भी नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। मामले में आगे की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अदालत बचाव पक्ष की दलीलों को किस हद तक स्वीकार करती है।
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