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दिल्ली-एनसीआर
आंदोलन खत्म होने के बाद सोनम वांगचुक ने बताई अपनी पीड़ा
Ratna Netam
31 Aug 2026 3:17 PM IST

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दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शन को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक बयान चर्चा में आ गया है। वांगचुक ने आंदोलन के दौरान के हालात को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा आया जब प्रदर्शन स्थल लगभग खाली हो गया था और उन्हें लगा कि अब कोई उम्मीद नहीं बची है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए लोगों का साथ और भरोसा बेहद जरूरी था।
सोनम वांगचुक ने CJP आंदोलन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी जन आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत उसमें शामिल लोगों का विश्वास होता है। उन्होंने कहा कि जब लोग धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं तो आंदोलन चलाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों की प्रतिबद्धता उम्मीद बनाए रखती है।
आंदोलन के दौरान बढ़ी थी चर्चा
CJP आंदोलन शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। बाद में यह आंदोलन व्यापक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर चर्चा में आया। आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक ने भी समर्थन जताते हुए लंबा अनशन किया था, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया।
वांगचुक का कहना है कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि देश में बेहतर व्यवस्था के लिए ईमानदार नेतृत्व और जवाबदेही जरूरी है।
सोनम वांगचुक की भूमिका रही अहम
सोनम वांगचुक के अनशन ने CJP आंदोलन को नई पहचान दी थी। लंबे समय तक चले उनके उपवास के दौरान स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई गई थी। इसके बाद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की कोशिशें हुई थीं।
वांगचुक ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार और युवाओं के मुद्दों को सामने लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि जन आंदोलनों को साफ उद्देश्य और गैर-दलीय भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
नेताओं की राजनीति पर भी बोले वांगचुक
CJP के नेताओं और भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी सोनम वांगचुक ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोग कोई संत नहीं हैं और अगर किसी के मन में राजनीतिक महत्वाकांक्षा है तो इसमें गलत कुछ नहीं है, लेकिन आंदोलन की मूल भावना और गैर-दलीय पहचान बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अच्छे इरादों के साथ काम करने वाले लोगों को अनुभव और सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है।
युवाओं की भागीदारी को बताया बड़ी ताकत
वांगचुक ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी समस्याओं को सामने रखने का साहस दिखाया।
उनका कहना है कि केवल विरोध करना ही काफी नहीं है, बल्कि समाधान की दिशा में भी काम करना जरूरी है। युवाओं को अपने अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों को भी समझना होगा।
आंदोलन के भविष्य पर नजर
CJP आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा जारी है। आंदोलन से जुड़े नेता इसे सामाजिक दबाव समूह के रूप में आगे बढ़ाने की बात करते रहे हैं। वहीं, राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर भी बहस जारी है।
सोनम वांगचुक का बयान ऐसे समय आया है जब आंदोलन की दिशा और भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अपने अनुभव के जरिए यह बताने की कोशिश की कि किसी भी आंदोलन को लंबे समय तक चलाने के लिए जनता का विश्वास और लगातार भागीदारी सबसे जरूरी होती है।
फिलहाल CJP आंदोलन और उससे जुड़े नेताओं की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी हुई है। सोनम वांगचुक के बयान ने एक बार फिर आंदोलन के संघर्ष, चुनौतियों और भविष्य को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
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