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चेनाब रेल ब्रिज की उपलब्धि से प्रभावित हुए सोनम वांगचुक, रेलवे की तारीफ की

नई दिल्ली। लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर और शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा की और भारतीय रेलवे की उपलब्धियों की सराहना की। यात्रा के दौरान उन्होंने एक वीडियो साझा कर अपने अनुभव बताए और दुनिया के सबसे ऊंचे रेल आर्च ब्रिज चेनाब रेल ब्रिज को भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का शानदार उदाहरण बताया।
सोनम वांगचुक ने अपनी यात्रा के दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस की सुविधाओं और सफर के अनुभव को लेकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन देश में परिवहन व्यवस्था के बदलते स्वरूप को दर्शाती है।
वंदे भारत यात्रा के अनुभव साझा किए
वांगचुक ने वीडियो के माध्यम से बताया कि दिल्ली से श्रीनगर तक की यात्रा उनके लिए बेहद खास अनुभव रही। उन्होंने ट्रेन की सुविधाओं, आरामदायक सफर और रेलवे द्वारा किए जा रहे आधुनिकीकरण के प्रयासों की प्रशंसा की।
AM PROUD OF INDIAN RAILWAYS
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 30, 2026
Want to be proud of Indian (govt) promises too…
Copy-LeftRightnCentre… pic.twitter.com/syCigFCKOb
उन्होंने कहा कि देश में रेलवे लगातार नई तकनीक और बेहतर सुविधाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वंदे भारत जैसी ट्रेनें यात्रियों के लिए तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध करा रही हैं।
चेनाब रेल ब्रिज को बताया बड़ी उपलब्धि
यात्रा के दौरान सोनम वांगचुक ने जम्मू-कश्मीर स्थित चेनाब रेल ब्रिज का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और तकनीकी कौशल का प्रतीक बताया।
चेनाब रेल ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। यह पुल जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बनाया गया है और रेलवे कनेक्टिविटी के लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है।
वांगचुक ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इस तरह का निर्माण कार्य करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
कठिन परिस्थितियों में तैयार हुआ पुल
चेनाब रेल ब्रिज का निर्माण ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच किया गया है। इस परियोजना में इंजीनियरों को कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
भूकंप और तेज हवाओं जैसे प्राकृतिक जोखिमों को ध्यान में रखते हुए पुल को मजबूत बनाया गया है। यह पुल जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से रेल मार्ग के जरिए जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रेलवे आधुनिकीकरण की सराहना
सोनम वांगचुक ने भारतीय रेलवे में हो रहे बदलावों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर डिजाइन और नई सुविधाओं के साथ रेलवे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस को इस बदलाव का उदाहरण बताया और कहा कि यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए रेलवे में लगातार सुधार हो रहे हैं।
पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को जम्मू-कश्मीर के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रेल संपर्क बेहतर होने से यात्रियों को जम्मू-कश्मीर पहुंचने में सुविधा होगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।
सोशल मीडिया पर साझा किया अनुभव
सोनम वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रा का अनुभव साझा किया। उनके वीडियो के बाद कई लोगों ने रेलवे की इस उपलब्धि की सराहना की।
वांगचुक शिक्षा, पर्यावरण और तकनीकी नवाचार से जुड़े मुद्दों पर अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार देश में स्थानीय जरूरतों के अनुसार तकनीकी विकास और टिकाऊ समाधानों की वकालत की है।
भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का उदाहरण
चेनाब रेल ब्रिज और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी परियोजनाओं को भारत के बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। सोनम वांगचुक ने भी इन उपलब्धियों को देश की तकनीकी प्रगति से जोड़ते हुए गर्व का विषय बताया।
उनकी यह यात्रा और प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रहा है।





