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सोनम वांगचुक का अनशन जारी, दर्द के बावजूद नहीं झुके

Kavita2
14 July 2026 3:46 PM IST
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, दर्द के बावजूद नहीं झुके
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नई दिल्ली : NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षक सोनम वांगचुक ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

CJP के अनुसार, सोनम वांगचुक का अनशन अब 17वें दिन में पहुंच गया है, जबकि संगठन की ओर से चलाया जा रहा विरोध प्रदर्शन 25 दिन पूरे कर चुका है। संगठन ने कहा कि वांगचुक की तबीयत लगातार कमजोर हो रही है, लेकिन वह अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।

CJP की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, अनशन शुरू करने के बाद से सोनम वांगचुक का वजन करीब 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। वहीं, उनका ब्लड प्रेशर 109/70 mm Hg दर्ज किया गया है। संगठन ने बताया कि लंबे समय तक उपवास के कारण उनके शरीर पर असर पड़ रहा है और उन्हें शारीरिक कमजोरी का सामना करना पड़ रहा है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को मसल्स लॉस की समस्या हो रही है और उन्हें "बहुत ज्यादा दर्द" महसूस हो रहा है। इसके बावजूद उन्होंने अनशन समाप्त करने से मना कर दिया है। दिपके ने बताया कि वांगचुक का कहना है कि सरकार को प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

प्रदर्शनकारी NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इससे जुड़ा हुआ है।

CJP ने 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को उठाना है।

सोनम वांगचुक ने आंदोलन के दौरान कहा है कि शिक्षा व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उनका कहना है कि अगर किसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में गड़बड़ी होती है तो सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर उनके समर्थकों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है। कुछ लोगों ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील भी की है, लेकिन उन्होंने अपनी मांगों पर बातचीत शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि आंदोलन के लिए स्वास्थ्य का सुरक्षित रहना जरूरी है और अपनी बात रखने के लिए अन्य लोकतांत्रिक तरीके भी अपनाए जा सकते हैं।

हालांकि, CJP का कहना है कि सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस बातचीत शुरू नहीं हुई है। संगठन ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

जंतर-मंतर पर जारी इस प्रदर्शन को कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं का समर्थन मिल चुका है। समर्थकों का कहना है कि NEET-UG जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा मामले में छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं, प्रशासन की ओर से प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।

शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े इस विवाद ने देशभर में बहस छेड़ दी है। छात्र संगठन और अभिभावक लगातार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल सोनम वांगचुक का अनशन जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत कब शुरू होती है और क्या इस आंदोलन का कोई समाधान निकल पाता है।

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