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पिता का जिक्र आते ही भावुक हुईं स्मृति ईरानी बयान ने खींचा ध्यान

Ratna Netam
6 Sept 2026 8:45 PM IST
पिता का जिक्र आते ही भावुक हुईं स्मृति ईरानी बयान ने खींचा ध्यान
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री **स्मृति ईरानी** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बात करते हुए भावुक हो गईं। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने लंबे राजनीतिक जुड़ाव और सम्मान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए पीएम मोदी केवल एक नेता नहीं बल्कि मार्गदर्शक और परिवार के सदस्य जैसे हैं।
बातचीत के दौरान स्मृति ईरानी ने भावुक अंदाज में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान को लेकर वह बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई उनके विश्वास और सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश करेगा तो वह चुप नहीं रहेंगी। उनके इस बयान की राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है।
पीएम मोदी के साथ रिश्ते का किया जिक्र
स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी में आगे बढ़ने और काम करने के कई अवसर मिले।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का मौका दिया और उन्हें भी लगातार जिम्मेदारियां दीं।
स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काम करना उनके लिए गर्व की बात रही है।
भावुक होकर सुनाया अनुभव
कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपने सम्मान और भावनाओं को व्यक्त करते हुए भावुक हो गईं।
उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के संघर्ष और नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रति उनका सम्मान बहुत गहरा है।
‘मेरे बाप के गिरेबान तक अगर हाथ पहुंचा तो...’
स्मृति ईरानी ने इसी संदर्भ में भावुक होते हुए कहा, **“मेरे बाप के गिरेबान तक अगर हाथ पहुंचा तो...”**। उनके इस बयान को प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनकी भावनात्मक जुड़ाव और निष्ठा के तौर पर देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ रिश्ते केवल राजनीति तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनमें भावनाएं और विश्वास भी जुड़े होते हैं।
उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चा में भी सुर्खियां बन गया।
स्मृति ईरानी का राजनीतिक सफर
स्मृति ईरानी भारतीय राजनीति में एक प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने टीवी कलाकार से राजनीति तक का सफर तय किया।
वह अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।
महिला एवं बाल विकास मंत्री के रूप में उनके काम की काफी चर्चा हुई।
अमेठी से मिली पहचान
स्मृति ईरानी को सबसे ज्यादा पहचान अमेठी लोकसभा चुनाव से मिली। उन्होंने कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाने वाले अमेठी में चुनाव जीतकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था।
इसके बाद वह बीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गईं।
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें अमेठी सीट पर हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पार्टी में उनकी भूमिका बनी रही।
पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ
स्मृति ईरानी ने कई मौकों पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार ने देश में कई बड़े बदलाव किए हैं।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली में निर्णय लेने की क्षमता और देश के लिए समर्पण दिखाई देता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं
स्मृति ईरानी के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। बीजेपी नेताओं ने इसे उनके भावनात्मक जुड़ाव के रूप में बताया है।
वहीं विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बताया है।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
स्मृति ईरानी का बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने उनके भाव को लेकर प्रतिक्रिया दी, जबकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक नजरिए से देखा।
ऐसे बयानों को अक्सर समर्थक और विरोधी अपने-अपने नजरिए से देखते हैं।
राजनीति में रिश्तों और भावनाओं की भूमिका
भारतीय राजनीति में नेताओं के बीच संबंध और व्यक्तिगत अनुभव कई बार सार्वजनिक मंचों पर सामने आते रहे हैं।
स्मृति ईरानी का यह बयान भी इसी बात को दर्शाता है कि राजनीति में केवल नीतियां और विचार ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत विश्वास और भावनाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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