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दंगों में दुकान में आग और तोड़फोड़ के मामले में छह दोषी ठहराए गए

SHIDDHANT
18 Sept 2025 11:42 PM IST
दंगों में दुकान में आग और तोड़फोड़ के मामले में छह दोषी ठहराए गए
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DELHI दिल्ली। कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान दंगा, तोड़फोड़ और एक दुकान में आग लगाने वाली गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा होने के आरोप में छह लोगों को दोषी ठहराया। दोषियों में हरिओम गुप्ता, बसंत कुमार मिश्रा, गोरख नाथ, रोहित गौतम, कपिल पांडे और भीम सेन शामिल हैं। सभी छह लोगों को भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया, जिनमें धारा 188 (किसी लोक सेवक द्वारा जारी वैध आदेश की अवज्ञा), 147 (दंगा), 148 (घातक हथियार से लैस होकर दंगा), 149 (गैरकानूनी भीड़), 435 (आग या विस्फोटक पदार्थ से उत्पात), 436 और 450 (घर या संपत्ति में अतिक्रमण) शामिल हैं।
यह मामला 2020 में खजूरी में दर्ज एफआईआर 247 से संबंधित है, जो मोहम्मद वकील द्वारा दर्ज कराई गई थी। वकील ने आरोप लगाया कि दंगों के दौरान दंगाइयों ने उसकी दुकान और उसमें रखे सामान को जलाकर लगभग 1.5 लाख रुपये का नुकसान पहुँचाया। न्यायाधीश ने कहा कि दोषियों ने गैरकानूनी जमावड़े का हिस्सा बनकर वकील की दुकान में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी। यह साबित करता है कि उनका उद्देश्य दंगा, आगजनी और उपद्रव करना था। अदालत ने यह भी कहा कि यह भीड़ लाठी-डंडों से लैस थी, जो घातक हथियार माने जाते हैं, और इस प्रकार उन्होंने घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने का अपराध किया।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि गैरकानूनी जमावड़े का सामान्य उद्देश्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाना था और इसी मकसद को अंजाम देने के लिए वकील की दुकान में आग लगाई गई। सजा पर बहस कल से शुरू होगी। इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि अदालत ने दंगा और आगजनी जैसे संगीन अपराधों में गैरकानूनी भीड़ की भूमिका को गंभीरता से लिया है।
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