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अनाहत की जीत पर सिंधु ने दी बधाई, प्रतिभा और सोच की सराहना

नई दिल्ली : भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचने वाली अनाहत सिंह को बधाई दी है। अनाहत सिंह इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल जगत से लगातार शुभकामनाएं मिल रही हैं।
पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अनाहत सिंह की उपलब्धि की सराहना की और युवा खिलाड़ी के साथ अपनी एक पुरानी बातचीत को याद किया। सिंधु ने कहा कि अनाहत की सफलता केवल उनकी खेल प्रतिभा का परिणाम नहीं है, बल्कि उनकी परिपक्व सोच, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण को भी दर्शाती है।
I couldn’t be prouder of this young champion, Anahat Singh, on winning the World Junior Squash Championships! 🇮🇳🏆
— PV Sindhu (@Pvsindhu1) July 26, 2026
One of my favorite memories of Anahat goes back to 2022, when I had the opportunity to speak with her through OGQ. Even at that age, what stood out wasn’t just her… pic.twitter.com/R8RxUEcSR8
सिंधु ने अनाहत के साथ हुई 2022 की एक बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि उस मुलाकात ने उन पर गहरी छाप छोड़ी थी। यह बातचीत ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (OGQ) कार्यक्रम के माध्यम से हुई थी। सिंधु के अनुसार, उस समय भी अनाहत अपनी उम्र से कहीं अधिक समझदारी और स्पष्ट सोच रखने वाली खिलाड़ी नजर आई थीं।
पीवी सिंधु ने कहा कि इतनी कम उम्र में भी अनाहत का खेल के प्रति नजरिया और उनका आत्मविश्वास बेहद प्रभावशाली था। उन्होंने बताया कि अनाहत सिर्फ अपने कौशल और प्रदर्शन के कारण ही अलग नहीं दिखती थीं, बल्कि उनकी मानसिक मजबूती और सीखने की इच्छा भी उन्हें खास बनाती थी।
वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में अनाहत की जीत भारतीय स्क्वैश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया, बल्कि भारत में स्क्वैश जैसे खेल को भी नई पहचान दिलाई है।
अनाहत सिंह लंबे समय से भारतीय स्क्वैश की उभरती हुई प्रतिभाओं में शामिल रही हैं। कम उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई शानदार प्रदर्शन किए हैं। उनकी तकनीक, कोर्ट पर निर्णय लेने की क्षमता और दबाव की स्थिति में संयम ने उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अनाहत की सफलता भारत में स्क्वैश के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिलेगा।
पीवी सिंधु खुद भारतीय खेल जगत की बड़ी प्रेरणाओं में शामिल हैं। बैडमिंटन में उन्होंने ओलंपिक और विश्व स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे में उनका अनाहत की सफलता को लेकर उत्साह जाहिर करना युवा खिलाड़ी के लिए विशेष सम्मान माना जा रहा है।
सिंधु ने अपनी पोस्ट में अनाहत की मेहनत और उपलब्धि की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में उनकी उपलब्धि असाधारण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अनाहत भविष्य में भी इसी तरह देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
अनाहत सिंह की यह सफलता भारतीय खेलों में नई पीढ़ी के उभरते सितारों की क्षमता को दिखाती है। जहां क्रिकेट, बैडमिंटन और हॉकी जैसे खेलों में भारत की मजबूत पहचान है, वहीं अब स्क्वैश जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
अनाहत की जीत के बाद सोशल मीडिया पर भी उन्हें खूब बधाइयां मिल रही हैं। खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उनकी इस उपलब्धि को भारतीय खेल इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए विश्व चैंपियन बनना आसान नहीं होता। इसके लिए वर्षों की मेहनत, अनुशासन, मानसिक मजबूती और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। अनाहत ने इन सभी पहलुओं में खुद को साबित किया है।
पीवी सिंधु द्वारा साझा की गई पुरानी याद ने यह भी दिखाया कि अनुभवी खिलाड़ी किस तरह युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हैं। खेल जगत में ऐसे संवाद और मार्गदर्शन युवा खिलाड़ियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अनाहत सिंह की ऐतिहासिक जीत ने भारतीय स्क्वैश को नई उम्मीद दी है। उनकी उपलब्धि आने वाले वर्षों में देश के कई युवा खिलाड़ियों को इस खेल को अपनाने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित कर सकती है।





