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NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बाद जंतर-मंतर पर पसरा सन्नाटा

Kavita2
26 July 2026 6:00 PM IST
NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बाद जंतर-मंतर पर पसरा सन्नाटा
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर रविवार को उस समय सन्नाटा दिखाई दिया, जब पिछले 36 दिनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शन के नारे थम गए। परीक्षा में गड़बड़ी और NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब समाप्त हो चुका है। एक महीने से ज्यादा समय तक प्रदर्शनकारियों, छात्रों और समर्थकों की आवाजों से गूंजने वाला जंतर-मंतर अब खाली नजर आया।

प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर लगातार भाषण, नारेबाजी और मांगों को लेकर आवाज उठाई जा रही थी। लेकिन आंदोलन खत्म होने के बाद रविवार को वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया। अस्थायी टेंट हटा दिए गए थे और प्रदर्शन से जुड़े अधिकांश लोग वापस लौट चुके थे। विरोध स्थल पर अब पहले जैसी हलचल नहीं दिखाई दे रही थी।

इस आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में से एक CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके फिलहाल अपने घर पर टाइफाइड से उबर रहे हैं। वहीं, पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक भी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। दोनों की अनुपस्थिति के बीच आंदोलन का समापन हुआ।

NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों की भागीदारी के साथ शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जिम्मेदारी तय करने और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग उठाई थी।

पिछले कई हफ्तों के दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक पहुंचे थे। यहां लगातार कार्यक्रम आयोजित किए गए और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और संबंधित संस्थानों से जवाब की मांग की गई।

प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए टेंट, पोस्टर और बैनर आंदोलन की पहचान बन गए थे। दिन-रात यहां मौजूद रहकर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को सामने रखा। लेकिन आंदोलन समाप्त होने के बाद रविवार को यह जगह पूरी तरह बदली हुई नजर आई।

स्थानीय लोगों और वहां से गुजरने वालों के लिए भी जंतर-मंतर का बदला हुआ दृश्य चर्चा का विषय रहा। जहां कुछ दिन पहले तक भीड़ और नारों की आवाज सुनाई देती थी, वहीं अब वहां सामान्य गतिविधियां ही दिखाई दे रही थीं।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवाज उठाना था। उन्होंने मांग की थी कि ऐसी व्यवस्थाएं बनाई जाएं, जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी की स्थिति पैदा न हो।

आंदोलन के दौरान कई बार छात्रों और समर्थकों ने अपनी चिंताओं को सामने रखा। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और प्रभावित छात्रों को न्याय देने की मांग की।

हालांकि, आंदोलन खत्म होने के बाद भी NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। छात्रों और अभिभावकों की ओर से परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर आगे भी बहस जारी रहने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और मजबूत निगरानी व्यवस्था जरूरी है। किसी भी तरह की अनियमितता छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए समय पर कार्रवाई और सुधार आवश्यक हैं।

जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चला यह प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है, लेकिन इससे जुड़े मुद्दे अभी भी चर्चा में हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी मांगें छात्रों के हितों और बेहतर परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी हैं।

फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह खाली हो चुकी है और वहां से टेंट तथा अन्य अस्थायी व्यवस्थाएं हटा दी गई हैं। लेकिन NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर उठी आवाजें आने वाले समय में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विमर्श का हिस्सा बनी रह सकती हैं।

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