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बंगाल की खाड़ी में अक्टूबर के मध्य मौसमी सिस्टम बनने के संकेत

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में अक्टूबर के मध्य एक नया मौसमी सिस्टम विकसित होने के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के शुरुआती अनुमान के अनुसार 12 अक्टूबर के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर और आसपास के हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है।
मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान में संकेत दिया गया है कि यह सिस्टम आगे पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों की ओर पहुंच सकता है। 15 अक्टूबर के आसपास दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी में इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है। हालांकि इस समय इसकी संभावना काफी कम, यानी करीब 1 से 33 प्रतिशत के बीच बताई गई है।
ऐसे में फिलहाल इसे किसी निश्चित चक्रवात की चेतावनी के रूप में नहीं देखा जा सकता। मौसमी सिस्टम बनने की प्रक्रिया कई चरणों से गुजरती है। पहले ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बनता है, इसके बाद अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर कम दबाव का क्षेत्र विकसित होता है। यही सिस्टम आगे मजबूत होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर, डिप्रेशन, डीप डिप्रेशन और फिर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।
मौजूदा अनुमान में केवल डिप्रेशन बनने की सीमित संभावना बताई गई है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सिस्टम कितना मजबूत होगा, किस दिशा में आगे बढ़ेगा और इसका असर किन राज्यों पर पड़ सकता है। इसके लिए अगले कुछ दिनों में समुद्र की सतह के तापमान, हवा की गति, नमी और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर नजर रखी जाएगी।
12 अक्टूबर के आसपास संभावित चक्रवाती परिसंचरण बनने के बाद स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो 13 अक्टूबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है। इसके बाद सिस्टम की गति और दिशा को देखकर मौसम विभाग आगे के पूर्वानुमान जारी करेगा।
बंगाल की खाड़ी अक्टूबर और नवंबर के दौरान चक्रवाती गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। मानसून की वापसी के बाद समुद्र और वायुमंडल की स्थितियां कई बार कम दबाव वाले सिस्टम को मजबूत होने में मदद करती हैं। यही कारण है कि इस अवधि में मौसम विभाग उत्तरी हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में होने वाली गतिविधियों पर विशेष नजर रखता है।
फिलहाल 2 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में कोई सक्रिय तूफानी चेतावनी नहीं है। IMD के समुद्री बुलेटिन में मौजूदा समय के लिए “No Storm Warning” दर्ज है। इससे साफ है कि संभावित मध्य-अक्टूबर सिस्टम अभी केवल लंबी अवधि के पूर्वानुमान का हिस्सा है और समुद्र में फिलहाल कोई चक्रवाती तूफान सक्रिय नहीं है।
मौसम विशेषज्ञों के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण होंगे। चक्रवाती परिसंचरण के बनने के बाद उपग्रह तस्वीरों, समुद्री सतह के तापमान और मॉडल पूर्वानुमानों से इसकी वास्तविक ताकत का बेहतर अंदाजा मिल सकेगा। इसके बाद ही संभावित रास्ता तय किया जा सकेगा।
यदि कम दबाव का क्षेत्र बनता है तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा आसपास के समुद्री हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश, बादल और हवा की गति बढ़ने की संभावना सिस्टम के विकास पर निर्भर करेगी। हालांकि अभी किसी क्षेत्र विशेष के लिए भारी बारिश या तेज हवा की निश्चित चेतावनी जारी नहीं की गई है।
इसके बाद यदि सिस्टम बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों की ओर बढ़ता है तो पूर्वी तट के राज्यों की नजर भी इसकी गतिविधियों पर रहेगी। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों के लिए बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन इस संभावित सिस्टम का इनमें से किसी राज्य की ओर बढ़ना अभी तय नहीं है।
मौसम विभाग आमतौर पर सिस्टम के विकसित होने के साथ नियमित अंतराल पर अपडेट जारी करता है। सिस्टम के लो प्रेशर में बदलने के बाद उसके संभावित मार्ग और तीव्रता का अनुमान ज्यादा भरोसेमंद होता जाता है। इससे पहले लंबी अवधि के मॉडल में बदलाव की संभावना बनी रहती है।
इसी कारण IMD ने भी इसे शुरुआती अनुमान के रूप में देखा है। 15 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन बनने की 1 से 33 प्रतिशत संभावना बताई गई है, जो जोखिम की निचली श्रेणी है। इसका मतलब यह है कि सिस्टम बन भी सकता है और कमजोर होकर खत्म भी हो सकता है।
यदि डिप्रेशन विकसित होता है तो उसके बाद यह और मजबूत होगा या नहीं, इसका फैसला समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां करेंगी। हर डिप्रेशन चक्रवाती तूफान में नहीं बदलता। कई बार सिस्टम समुद्र में ही कमजोर पड़ जाता है या तट की ओर बढ़ते हुए उसकी ताकत घट जाती है।
मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए भी फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है। मौजूदा समुद्री बुलेटिन में तूफान की चेतावनी नहीं दी गई है। हालांकि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
अगले कुछ दिनों में IMD के विस्तारित पूर्वानुमान और ट्रॉपिकल वेदर आउटलुक से तस्वीर और स्पष्ट होगी। चक्रवाती परिसंचरण बनने, कम दबाव क्षेत्र विकसित होने और उसके बाद डिप्रेशन बनने की दिशा में कोई बदलाव होता है तो विभाग नए अपडेट जारी करेगा।
फिलहाल बंगाल की खाड़ी में संभावित सिस्टम शुरुआती निगरानी के चरण में है। 12 अक्टूबर के आसपास चक्रवाती परिसंचरण, 13 अक्टूबर के आसपास कम दबाव क्षेत्र और 15 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन बनने के संकेत जरूर हैं, लेकिन इसकी संभावना अभी कम है। सिस्टम का असली रास्ता और ताकत तारीख नजदीक आने के साथ ही साफ होगी।





