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कॉकरोच जनता पार्टी में टूट की आहट, मनीष ब्रह्मभट्ट ने किया CJP-D का ऐलान

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के गठन के बाद अब उसके भीतर ही मतभेद सामने आने लगे हैं। पार्टी के दो हिस्सों में बंटने की स्थिति बनती नजर आ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी D (CJP-D) बनाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने इस नए संगठन में ‘D’ का अर्थ डेमोक्रेटिक यानी लोकतांत्रिक बताया है।
मनीष ब्रह्मभट्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस उद्देश्य के साथ यह पहल शुरू की गई थी, वह धीरे-धीरे बदलता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि CJP-D एक अलग सोच और लोकतांत्रिक तरीके से काम करने वाला मंच होगा।
कॉकरोच जनता पार्टी शुरुआत से ही अपने अलग नाम और अनोखी शैली के कारण चर्चा में रही है। पार्टी से जुड़े लोगों ने इसे पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग बताते हुए सामाजिक मुद्दों को उठाने वाला मंच बताया था। लेकिन अब पार्टी के अंदर से ही विरोध की आवाजें उठने लगी हैं।
कौन हैं मनीष ब्रह्मभट्ट?
मनीष ब्रह्मभट्ट सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं। वह सरकार के खिलाफ कई मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने नागरिक मुद्दों, जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मामलों में अपनी भूमिका दर्ज कराई है।
ब्रह्मभट्ट का नाम उन लोगों में शामिल रहा है, जो सार्वजनिक मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरते रहे हैं। अब उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी से अलग होकर नया राजनीतिक मंच बनाने का फैसला किया है।
उनका कहना है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शिता के आधार पर एक अलग संगठन की जरूरत महसूस हुई, जिसके चलते CJP-D की शुरुआत की गई।
CJP से अलग क्यों हुआ रास्ता?
मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी अपने मूल उद्देश्यों से हटकर राजनीतिक गतिविधियों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वह ऐसी व्यवस्था चाहते हैं, जिसमें फैसले ज्यादा लोकतांत्रिक तरीके से लिए जाएं।
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी का पक्ष आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी पहले से चर्चा में
कॉकरोच जनता पार्टी अपने गठन के बाद से ही सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रही है। पार्टी के नाम और काम करने के तरीके को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
पार्टी से जुड़े नेताओं ने इसे व्यवस्था परिवर्तन और नए तरह की राजनीति से जोड़कर पेश किया था। लेकिन अब संगठन के भीतर मतभेद सामने आने के बाद पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।
CJP-D का उद्देश्य क्या होगा?
मनीष ब्रह्मभट्ट ने नई पार्टी के गठन का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन अभी इसके संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की रणनीति को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
उन्होंने संकेत दिया है कि CJP-D लोकतांत्रिक प्रक्रिया, जनभागीदारी और सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता देगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह नया संगठन किस तरह काम करता है और कितने लोगों को अपने साथ जोड़ पाता है।
नए राजनीतिक प्रयोग की चुनौती
भारत में समय-समय पर नए राजनीतिक दल और संगठन सामने आते रहे हैं। इनमें से कुछ सफल हुए तो कुछ सीमित प्रभाव तक ही रह गए। किसी भी नए संगठन के लिए सबसे बड़ी चुनौती मजबूत संगठन तैयार करना और लोगों का भरोसा जीतना होती है।
CJP-D के सामने भी यही चुनौती होगी। उसे अपनी अलग पहचान बनानी होगी और यह साबित करना होगा कि वह केवल विरोध के लिए नहीं, बल्कि एक ठोस विचार और कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ रहा है।
फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी में मनीष ब्रह्मभट्ट के अलग होने से अंदरूनी विवाद सामने आ गया है। अब देखना होगा कि CJP और CJP-D आगे किस दिशा में बढ़ते हैं और क्या यह विभाजन पार्टी के भविष्य को प्रभावित करता है।





