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निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरी, 11 लोग दबे

Ashish verma
12 Oct 2026 8:37 PM IST
निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरी, 11 लोग दबे
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गाजियाबाद : गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र के शहीदनगर में रविवार शाम एक निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने से हड़कंप मच गया। हादसे की शुरुआती सूचना में तीन से चार लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी। बाद में करीब 11 लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचाए गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद सामने आई जानकारी में प्रभावित लोगों की संख्या शुरुआती अनुमान से अधिक रही। फिलहाल अस्पताल में भर्ती लोगों की स्थिति का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
हादसा उस समय हुआ जब शहीदनगर स्थित मकान निर्माणाधीन था। रविवार शाम अचानक उसकी शटरिंग गिर गई। घटना की सूचना सामने आने पर पहले यह आशंका व्यक्त की गई कि मलबे में तीन से चार लोग दबे हो सकते हैं। हालांकि, यह संख्या प्रारंभिक जानकारी पर आधारित थी। बाद में बचाव के दौरान करीब 11 लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि हादसे की शुरुआती सूचना में बताई गई संख्या और बाद में सामने आए बचाव के आंकड़े अलग थे।
निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने की इस घटना में महिलाएं और बच्चे भी प्रभावित हुए हैं। उन्हें अन्य लोगों के साथ रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध जानकारी में महिलाओं और बच्चों की अलग-अलग संख्या नहीं बताई गई है। उनकी उम्र और पहचान का विवरण भी सामने नहीं आया है। ऐसे में बचाए गए लोगों के बारे में फिलहाल यही पुष्टि है कि उनकी कुल संख्या करीब 11 है और उनमें महिलाएं तथा बच्चे शामिल हैं।
घटना का स्थान साहिबाबाद थाना क्षेत्र का शहीदनगर बताया गया है। निर्माणाधीन मकान के किस हिस्से की
शटरिंग
गिरी और घटना के समय वहां क्या काम चल रहा था, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। हादसे में शटरिंग गिरने की बात सामने आई है। पूरे मकान के ढहने या आसपास के दूसरे भवनों को नुकसान पहुंचने का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए घटना को निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने तक ही सीमित रखते हुए समझना जरूरी है।
शुरुआती सूचना में मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई थी। ऐसी स्थिति में सामने आने वाली संख्या को अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता। इस मामले में भी पहले तीन से चार लोगों के दबे होने की बात कही गई, जबकि बाद में करीब 11 लोगों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया। खबर में इन दोनों चरणों का उल्लेख महत्वपूर्ण है, ताकि प्रारंभिक आशंका को अंतिम संख्या के रूप में प्रस्तुत न किया जाए। बाद की जानकारी बचाव के दौरान निकाले गए लोगों से संबंधित है।
रेस्क्यू के बाद प्रभावित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, किस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है और कितने लोगों को किस प्रकार की चोट आई है, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है। किसी व्यक्ति की हालत गंभीर होने की भी पुष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए सभी भर्ती लोगों को गंभीर घायल बताना सही नहीं होगा। अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन उनकी चिकित्सकीय स्थिति को लेकर आगे के विवरण का इंतजार है।
शटरिंग गिरने की वजह भी अभी स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी में निर्माण सामग्री, शटरिंग की मजबूती, काम करने के तरीके या किसी तकनीकी कमी के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। घटना के आधार पर सीधे किसी व्यक्ति की लापरवाही तय करना उचित नहीं होगा। मकान के मालिक, निर्माण कार्य कराने वाले व्यक्ति या काम में शामिल लोगों के बारे में भी विवरण उपलब्ध नहीं है। कारणों और जिम्मेदारी को लेकर किसी निष्कर्ष के लिए घटना से संबंधित अधिक जानकारी आवश्यक होगी।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि बचाए गए सभी लोग निर्माणाधीन मकान में मौजूद थे या उनमें आसपास के लोग भी शामिल हैं। महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी की जानकारी जरूर सामने आई है, लेकिन हादसे के समय वे किस स्थान पर थे, इसका उल्लेख नहीं किया गया है। इसी तरह सभी प्रभावित लोगों को निर्माण कार्य में लगे मजदूर कहना भी सही नहीं होगा। उपलब्ध विवरण उनकी पहचान के बजाय रेस्क्यू और अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी देता है।
बचाव अभियान में किन टीमों ने हिस्सा लिया, कितनी देर तक अभियान चला और उसे पूरा करने में क्या परिस्थितियां रहीं, इसका ब्योरा सामने नहीं आया है। करीब 11 लोगों को रेस्क्यू किए जाने की सूचना है, लेकिन इसी आधार पर अभियान समाप्त होने या किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित जानकारी आवश्यक है। फिलहाल खबर का प्रमुख तथ्य शटरिंग गिरना और प्रभावित लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाना है।
रविवार शाम शहीदनगर में हुए इस हादसे ने निर्माणाधीन मकान के आसपास हड़कंप की स्थिति पैदा कर दी। पहले तीन से चार लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका सामने आई और बाद में करीब 11 लोगों को बचाया गया। महिलाओं और बच्चों समेत इन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना में किसी मौत की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। अब भर्ती लोगों की स्थिति, हादसे की वजह और बचाव से जुड़े आगे के विवरण सामने आने पर पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
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