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पेजावर मठ के श्रीपाद ने की पीएम मोदी से मुलाकात

Kavita2
23 Sept 2026 12:13 PM IST
पेजावर मठ के श्रीपाद ने की पीएम मोदी से मुलाकात
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नई दिल्ली। उडुपी के श्री पेजावर अधोक्षज मठ के प्रमुख श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ श्रीपाद ने मंगलवार, 22 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस मुलाकात की पुष्टि की है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने पद्म विभूषण यतिकुल चक्रवर्ती श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण किया। जन्म शताब्दी तक विभिन्न कार्यक्रम और पहल आयोजित किए जाने की योजना है।

श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ का दिल्ली प्रवास उनके चातुर्मास्य व्रत से जुड़ा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक दिन पहले नई दिल्ली में उनसे मुलाकात कर आशीर्वाद लिया था। गृह मंत्रालय के अनुसार यह उनका 39वां चातुर्मास्य व्रत था।

जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण

मुलाकात का प्रमुख अवसर श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी से जुड़े कार्यक्रमों का रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन्म शताब्दी समारोह के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी ने श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के भक्ति, ज्ञान और सेवा से जुड़े जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जन्म शताब्दी तक आयोजित की जा रही विभिन्न पहल उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।

श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी पेजावर मठ के प्रमुख संतों में रहे और उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। जन्म शताब्दी समारोह को ध्यान में रखते हुए आने वाले वर्षों में उनके जीवन और कार्यों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।

पांच साल तक चलेंगे विभिन्न कार्यक्रम

उपलब्ध जानकारी के अनुसार श्री विश्वेश तीर्थ श्रीपाद की 2031 में होने वाली जन्म शताब्दी को ध्यान में रखते हुए पांच साल की योजना तैयार की गई है। इसके तहत सामाजिक, धार्मिक और सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री की ओर से लोगो का अनावरण इसी दीर्घकालिक आयोजन की शुरुआत से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर रहा। आधिकारिक बयान में भी कहा गया कि जन्म शताब्दी से पहले कई पहल की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य श्री विश्वेश तीर्थ के आदर्शों को आगे बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री को पहनाई पारंपरिक यक्षगान पोशाक

मुलाकात के दौरान पेजावर मठ की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया। श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ ने प्रधानमंत्री को कर्नाटक की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा यक्षगान से जुड़ी शाही पोशाक पहनाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री को शॉल भी भेंट किया गया। इसके अलावा सोने की परत चढ़ी काली कृष्ण की प्रतिमा, फल और मंत्र भी भेंट किए गए।

इस मुलाकात की तस्वीरें प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रेस सूचना ब्यूरो की ओर से भी जारी की गई हैं। PIB के फोटो रिकॉर्ड में 22 सितंबर को प्रधानमंत्री और श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी की मुलाकात की पांच तस्वीरें दर्ज हैं।

जन्मदिन पर किए गए अनुष्ठान का प्रसाद सौंपा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर वेद व्यास गुरुकुल में पूर्ण नवग्रह और राष्ट्र सूक्त होम का आयोजन किया गया था। मुलाकात के दौरान इस धार्मिक अनुष्ठान का प्रसाद भी प्रधानमंत्री को सौंपा गया और उन्हें शुभकामनाएं दी गईं।

इस दौरान धार्मिक परंपराओं और पेजावर मठ की सेवा गतिविधियों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

दिल्ली में चातुर्मास्य व्रत

श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ श्रीपाद इस वर्ष दिल्ली में चातुर्मास्य व्रत के सिलसिले में मौजूद रहे। हिंदू धार्मिक परंपरा में चातुर्मास्य की अवधि साधु-संतों के लिए साधना, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण समय मानी जाती है।

गृह मंत्रालय ने 21 सितंबर को जारी जानकारी में बताया था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नई दिल्ली में पेजावर मठ के श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। शाह ने चातुर्मास्य व्रत को भारतीय संस्कृति में त्याग, ध्यान, संयम और आंतरिक जागृति से जुड़ी परंपरा बताया था।

इसके अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हुई।

पीएम मोदी ने साझा की मुलाकात की जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुलाकात के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने उडुपी के श्री पेजावर अधोक्षज मठ के श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी और अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह के लोगो के अनावरण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्री विश्वेश तीर्थ का भक्ति, ज्ञान और सेवा से जुड़ा जीवन आज भी अनेक लोगों को प्रेरित करता है।

पेजावर मठ की धार्मिक परंपरा

उडुपी का पेजावर मठ दक्षिण भारत की प्रमुख धार्मिक संस्थाओं में शामिल है। इसका संबंध उडुपी की माध्व परंपरा से है। श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ वर्तमान में मठ की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे हैं।

उनसे पहले श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी ने लंबे समय तक मठ का नेतृत्व किया और धार्मिक गतिविधियों के साथ विभिन्न सामाजिक तथा सेवा कार्यों से जुड़े रहे।

उनकी जन्म शताब्दी को व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारी इसी विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है।

सेवा और धार्मिक कार्यक्रमों पर रहेगा जोर

जन्म शताब्दी तक प्रस्तावित कार्यक्रमों में श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के विचारों और सेवा कार्यों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी कहा है कि जन्म शताब्दी से पहले आयोजित की जा रही विभिन्न पहल उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएंगी।

इन कार्यक्रमों के विस्तृत स्वरूप और अलग-अलग आयोजनों की जानकारी समय के साथ सामने आने की उम्मीद है।

मुलाकात की तस्वीरें भी जारी

प्रधानमंत्री और श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद यह कार्यक्रम चर्चा में रहा। तस्वीरों में प्रधानमंत्री के साथ स्वामीजी और अन्य गणमान्य लोग नजर आए। आधिकारिक फोटो एल्बम में इस मुलाकात को 22 सितंबर 2026 की घटना के रूप में दर्ज किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से जन्म शताब्दी समारोह का लोगो जारी किए जाने के साथ अब 2031 तक चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत को औपचारिक पहचान मिली है। पेजावर मठ की ओर से आने वाले वर्षों में श्री विश्वेश तीर्थ के धार्मिक, सामाजिक और सेवा से जुड़े कार्यों को केंद्र में रखकर विभिन्न आयोजन किए जाने हैं।

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