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PM Modi's के पिता पर टिप्पणी से नाराज शिवराज, बोले मर्यादा में रहें

Ratna Netam
25 Oct 2026 8:45 PM IST
PM Modis के पिता पर टिप्पणी से नाराज शिवराज, बोले मर्यादा में रहें
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को खड़गे के बयान की आलोचना करते हुए इसे मर्यादाहीन बताया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को अपनी भाषा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष से अपील की कि वे इस तरह की टिप्पणियां करने से बचें।दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में इस्तेमाल किए गए शब्दों से उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं में दिवंगत लोगों के प्रति सम्मान दिखाने की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में किसी व्यक्ति के दिवंगत परिजन के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
खड़गे की टिप्पणी पर शिवराज ने जताई नाराजगी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता से राजनीतिक संवाद में संयम और मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पिता के बारे में की गई टिप्पणी से उन्हें बहुत दुख हुआ है। खड़गे जैसे अनुभवी नेता को ऐसी भाषा से बचना चाहिए।चौहान ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं और नेता एक-दूसरे की नीतियों का विरोध भी कर सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को भारतीय परंपराओं और संस्कारों के विपरीत बताया।
चुनावी हार से बौखलाहट का लगाया आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार के कारण पार्टी के नेता शायद बौखलाहट में ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक असहमति जताने के बजाय कांग्रेस के कुछ नेता व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रहे हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस जैसी पुरानी राजनीतिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।हालांकि, चुनावी हार से नेताओं के कथित रूप से बौखलाने संबंधी टिप्पणी शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक आरोप है।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं का दिया उदाहरण
पत्रकारों से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में हमेशा से दिवंगत लोगों के प्रति सम्मान रखने की शिक्षा दी जाती रही है।उन्होंने कहा कि भारतीय मूल्यों, संस्कारों और परंपराओं में यह बात शामिल है कि जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके बारे में सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।चौहान ने कहा कि भारत में तो किसी व्यक्ति के निधन के बाद, भले ही उसके साथ जीवन में मतभेद रहे हों, उसके प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं करने की परंपरा रही है।उन्होंने इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई।
'कांग्रेस पार्टी को आखिर हो क्या गया है?'
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि पार्टी के नेताओं की राजनीतिक भाषा में इस तरह का बदलाव क्यों दिखाई दे रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में इस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल भारतीय सभ्यता और संस्कृति के अनुरूप नहीं है।शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों से बचें।उनका कहना था कि राजनीति में विचारों और नीतियों पर असहमति हो सकती है, लेकिन किसी दिवंगत व्यक्ति के सम्मान को विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
खड़गे के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा के कई नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की है।शिवराज सिंह चौहान ने भी इसी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का उल्लेख किए जाने पर आपत्ति जताई।इस पूरे मामले में भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध में व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए। वहीं, उपलब्ध जानकारी में शिवराज सिंह चौहान के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष की नई प्रतिक्रिया का विवरण नहीं दिया गया है।फिलहाल, खड़गे की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में राजनीतिक मर्यादा, भारतीय संस्कृति और दिवंगत व्यक्तियों के प्रति सम्मान बनाए रखने पर जोर दिया है।
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