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दिल्ली में शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने इंडिगो उड़ान संकट पर सवाल उठाए

SHIDDHANT
10 Dec 2025 8:26 PM IST
दिल्ली में शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने इंडिगो उड़ान संकट पर सवाल उठाए
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Delhi दिल्ली: शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत ने इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में हाल ही में उत्पन्न हुए संकट पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस संकट के दौरान सभी यात्रियों की हालत बेहद खराब रही और इस वजह से उनका यात्रा अनुभव गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। सांसद ने यह भी कहा कि इस स्थिति का फायदा अन्य एयरलाइन कंपनियों ने उठाया और उन्होंने अपने किराए बढ़ा दिए। अरविंद सावंत ने संसद या मीडिया में बयान देते हुए कहा, "इंडिगो फ्लाइट में सभी यात्रियों की बहुत खराब स्थिति थी। जो हुआ, उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। यात्रियों के साथ जो व्यवहार हुआ, वह स्वीकार्य नहीं है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एयरलाइन कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करें।

सांसद ने इंडिगो एयरलाइन के संचालन और प्रबंधन पर सवाल उठाए और कहा कि यात्री असुविधा के मामले में एयरलाइन कंपनियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि इंडिगो फ्लाइट्स में उत्पन्न हुए समस्या का व्यापक और निष्पक्ष तरीके से मूल्यांकन किया जाए। अरविंद सावंत के अनुसार, एयरलाइन उद्योग में हाल ही में बढ़ती किराया दर और यात्रियों की असुविधा गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि यात्री सेवाओं में लगातार विफलता होती है, तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं और उनके अनुभव पर पड़ता है। इस स्थिति में सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी हस्तक्षेप करना चाहिए।

सांसद ने एयरलाइन के क्राइसिस प्रबंधन और संकट के दौरान यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने यह संकेत दिया कि इंडिगो फ्लाइट संकट के दौरान पर्याप्त मार्गदर्शन, सहायता और कम्युनिकेशन की कमी थी। इसके चलते यात्रियों को मानसिक और शारीरिक असुविधा झेलनी पड़ी। अरविंद सावंत ने निष्कर्ष निकाला कि एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इंडिगो फ्लाइट संकट और एयरलाइन संचालन के अन्य संबंधित मामलों की जांच करायी जाए और यात्रियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। इस बयान ने एयरलाइन उद्योग और नागरिक उड्डयन नियमों पर नई बहस को जन्म दिया है। उपभोक्ताओं और मीडिया में इस मुद्दे को लेकर बढ़ती चिंता ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करने वाला विषय बना दिया है।
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