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Delhi शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को जनकपुरी के डॉ. बी.आर. अंबेडकर सीएम श्री स्कूल में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) लैब का उद्घाटन किया और दिल्ली सरकार की 'विद्या वाहिनी योजना' के तहत 9वीं कक्षा की 32 छात्राओं को मुफ़्त साइकिलें बांटीं। इस कार्यक्रम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और शिखर धवन फ़ाउंडेशन (SDF) के संस्थापक शिखर धवन, 'दा वन ग्रुप' और उसके CSR पार्टनर 'स्पोर्ट्सकीड़ा' के प्रतिनिधियों के साथ शामिल हुए। यह लैब दिल्ली सरकार के साथ मिलकर फ़ाउंडेशन के 'STEM शिक्षा' प्रोग्राम के तहत बनाई गई दूसरी सुविधा है। इस पहल का मकसद अनुभव-आधारित सीखने को बढ़ावा देना और छात्रों को विज्ञान और टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल स्किल्स से लैस करना है।
किताबों पर आधारित शिक्षा से आगे बढ़ने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए सूद ने कहा, "हमारी सरकार नहीं चाहती कि दिल्ली के बच्चों की शिक्षा सिर्फ़ क्लासरूम और किताबों तक ही सीमित रहे। हम चाहते हैं कि बच्चे सिर्फ़ पढ़ें ही नहीं, बल्कि सोचें, सवाल पूछें, एक्सपेरिमेंट करें, फेल हों, फिर से कोशिश करें और आखिर में नई चीज़ें खोजें। शिक्षा का मतलब सिर्फ़ जवाब देना नहीं है; इसका मकसद सही सवाल पूछने की काबिलियत पैदा करना है।"
मंत्री ने कहा कि यह लैब छात्रों को रटने के बजाय एक्सपेरिमेंट करके सीखने और इनोवेशन और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी पैदा करने का मौका देगी। साइकिल बांटने की पहल के बारे में बात करते हुए सूद ने कहा, "9वीं कक्षा की छात्राओं को मुफ़्त साइकिल देने का फ़ैसला सिर्फ़ साइकिल बांटने तक सीमित नहीं था। यह उनके सम्मान, सुरक्षा, आज़ादी और शिक्षा के लिए लिया गया फ़ैसला था। जहाँ एक कदम हमारी बेटियों को आने-जाने की आज़ादी देता है, वहीं STEM लैब उन्हें ज्ञान और इनोवेशन की आज़ादी देती है।"
'विद्या वाहिनी योजना' के तहत, दिल्ली सरकार का मकसद राजधानी भर में 9वीं कक्षा की लगभग 1.40 लाख छात्राओं को साइकिलें बांटना है। सरकार के मुताबिक, अब तक लगभग 20,000 साइकिलें बांटी जा चुकी हैं। धवन ने युवाओं को सशक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराया और सरकारी स्कूलों में डिजिटल और प्रैक्टिकल शिक्षा को बढ़ावा देने की कोशिशों का स्वागत किया। उन्होंने छात्रों को प्रैक्टिकल स्किल्स विकसित करने और टेक्नोलॉजी पर आधारित भविष्य के लिए तैयार होने के मौके देने की अहमियत पर ज़ोर दिया।
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