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अमित मालवीय की जगह न मिलने वाली चर्चा पर शहजाद का बड़ा जवाब

Ratna Netam
19 Sept 2026 2:30 PM IST
अमित मालवीय की जगह न मिलने वाली चर्चा पर शहजाद का बड़ा जवाब
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उनके फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की थी कि क्या भाजपा के आईटी और सोशल मीडिया संगठन में बदलाव के दौरान उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ी। अब शहजाद पूनावाला ने खुद इस अटकल पर सफाई देते हुए घटनाक्रम की तारीखें सामने रखी हैं।एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में पूनावाला से पूछा गया कि क्या उन्होंने भाजपा इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें अमित मालवीय की जगह पार्टी के आईटी सेल या सोशल मीडिया संगठन की जिम्मेदारी नहीं दी गई। उन्होंने इस संभावना को खारिज किया। उनका कहना था कि उनके इस्तीफे और संगठन में बदलाव के बीच की तारीखें ही इस दावे का जवाब देती हैं।
इस्तीफे और संगठन में बदलाव की तारीखों का जिक्र
पूनावाला ने बताया कि उन्होंने अपना पहला इस्तीफा **30 जुलाई** को ही पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया था। इसके बाद भाजपा की ओर से आईटी और सोशल मीडिया टीम में बदलाव की घोषणा **17 अगस्त** को की गई। इसी अंतर को आधार बनाते हुए उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को इस्तीफा देने वाला व्यक्ति 17 अगस्त को होने वाले संगठनात्मक बदलाव के बारे में पहले से कैसे जान सकता था।उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि वह पदों के पीछे भागने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उनके अनुसार, वह किसी पद की अपेक्षा के बजाय विचार, मिशन और राजनीतिक उद्देश्य के आधार पर काम करते रहे हैं। इसलिए आईटी सेल की जिम्मेदारी नहीं मिलने को इस्तीफे की वजह बताना सही नहीं है।
आर्थिक परेशानियों का किया जिक्र
शहजाद पूनावाला ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहने के दौरान उनके सामने जीवनयापन और घर का किराया जैसे खर्चों को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गई थीं।उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर काम करने के बावजूद कोई निश्चित वेतन नहीं मिलता था। ऐसे में उन्होंने अपनी बचत का इस्तेमाल करके राजनीतिक गतिविधियों को जारी रखा। समय के साथ आर्थिक दबाव बढ़ा और उन्हें अपनी पेशेवर जिंदगी के अगले विकल्प पर विचार करना पड़ा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि अब वह निजी क्षेत्र में दोबारा करियर शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
पूनावाला के मुताबिक, भाजपा छोड़ने का फैसला उनके लिए अचानक लिया गया निर्णय नहीं था। उन्होंने इसे काफी सोच-विचार के बाद लिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी से अलग होने का मतलब यह नहीं है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा के विजन से जुड़े हर मुद्दे का विरोध करेंगे। इससे पहले भी वह कह चुके हैं कि निजी क्षेत्र में जाने के बावजूद जहां संभव होगा, वह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के विजन का समर्थन करते रहेंगे।
'पद के लिए राजनीति नहीं'
पूनावाला ने इंटरव्यू के दौरान अपनी राजनीतिक यात्रा और काम करने के तरीके पर भी बात की। उनका कहना था कि उन्होंने कभी पद को अपने राजनीतिक काम का अंतिम लक्ष्य नहीं माना। उनके अनुसार, वह किसी पद के बजाय विचार और उद्देश्य को महत्व देते हैं।इसी वजह से उन्होंने आईटी सेल के प्रमुख पद को लेकर लगाई जा रही अटकलों को भी खारिज किया। उनका तर्क था कि जब उन्होंने 30 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था, तब 17 अगस्त को होने वाले संगठनात्मक फेरबदल की जानकारी उनके पास होने का सवाल ही नहीं उठता।
इस्तीफे के बाद नया रास्ता
भाजपा छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला के अगले कदम को लेकर भी चर्चा रही है। हाल में सामने आई जानकारी के मुताबिक वह मनोरंजन की दुनिया में भी नजर आने वाले हैं। उन्हें रियलिटी शो **'राइज एंड फॉल' के दूसरे सीजन** में शामिल होने की पुष्टि हुई है। इस शो में उनके साथ स्वरा भास्कर, प्रियंका चाहर चौधरी और करण पटेल समेत अन्य प्रतिभागी नजर आएंगे। शो का प्रीमियर 26 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।पूनावाला ने इस नए सफर को अपनी जिंदगी के एक नए अध्याय के तौर पर पेश किया है। उनके बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि भाजपा छोड़ने के बाद वह फिलहाल अपने करियर के दूसरे विकल्पों पर ध्यान दे रहे हैं।
इनकम टैक्स को लेकर भी रखी राय
पॉडकास्ट बातचीत में उन्होंने व्यक्तिगत आयकर को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने व्यक्तिगत आयकर खत्म करने की वकालत की और इसके पीछे अपनी आर्थिक सोच बताई। उनका तर्क था कि ईमानदार करदाता पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों का बोझ पड़ता है, जबकि कर व्यवस्था में कई स्तरों पर जटिलताएं मौजूद हैं।हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत नीति संबंधी राय है और इसे भाजपा या किसी सरकारी नीति के आधिकारिक रुख के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी भाजपा से दूरी के बाद दिए गए इस इंटरव्यू में उनके व्यक्तिगत आर्थिक विचार भी चर्चा का हिस्सा बने।
क्या था इस्तीफे का कारण?
उपलब्ध जानकारी और पूनावाला के अपने बयान के आधार पर आईटी सेल की जिम्मेदारी नहीं मिलने को उनके इस्तीफे की वजह बताने वाली अटकल को उन्होंने खुद खारिज किया है। उनका कहना है कि इस्तीफे की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी थी, जबकि संगठनात्मक बदलाव की घोषणा 17 अगस्त को हुई। इसलिए दोनों घटनाओं को सीधे जोड़ना उनके मुताबिक सही नहीं है।उनके बयान में इस्तीफे के पीछे **व्यक्तिगत परिस्थितियां, आर्थिक दबाव और निजी क्षेत्र में करियर दोबारा शुरू करने की जरूरत** को प्रमुख कारण बताया गया है। भाजपा छोड़ने के बाद उनका रियलिटी शो में आना भी उनके सार्वजनिक जीवन के एक नए चरण की ओर संकेत करता है।फिलहाल शहजाद पूनावाला ने भाजपा छोड़ने को लेकर चल रही सबसे प्रमुख अटकल यानी आईटी सेल की जिम्मेदारी नहीं मिलने वाली बात पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उनके मुताबिक, इस्तीफा संगठन में 17 अगस्त को हुए बदलाव से पहले ही लिया जा चुका था।
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