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नागरिक उड्डयन मंत्रालय के 97 प्रतिशत शिकायतें सुलझाने के दावे पर शशि थरूर ने उठाए सवाल
SHIDDHANT
12 Feb 2026 11:51 PM IST

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Delhi दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सवाल पूछा। मंत्रालय की तरफ से इस पर जवाब भी दिया गया, लेकिन कांग्रेस सांसद का कहना है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दावा किया है कि 97 प्रतिशत शिकायतों का समाधान कर दिया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि 'समाधान' का मतलब क्या है?
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा है कि लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दावा किया है कि 97 प्रतिशत शिकायतों का समाधान कर दिया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि 'समाधान' का मतलब क्या है। क्या यात्रियों की संतुष्टि के साथ समस्या हल हुई या सिर्फ शिकायत दर्ज कर ली गई?
उन्होंने आगे लिखा कि खास बात यह है कि जब 72 घंटे तक इंतजार नहीं कर सकने वाली तत्काल शिकायतों के बारे में पूछा गया, तो मंत्रालय ने कोई अलग फास्ट-ट्रैक व्यवस्था, स्पष्ट एस्केलेशन प्रक्रिया या तय समय-सीमा की जानकारी नहीं दी। इससे नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंत्रालय ने यह भी नहीं बताया कि किस एयरलाइन के खिलाफ कितनी शिकायतें आईं, कितनी पेनल्टी लगाई गई, क्या नियामक कार्रवाई हुई और क्या कोई तय प्रदर्शन मानक हैं।
शशि थरूर ने आगे लिखा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह शिकायतों और लंबित मामलों का पूरा डेटा सार्वजनिक करे, सख्त और स्पष्ट एस्केलेशन व्यवस्था बनाए और पारदर्शी जवाबदेही तय करे, ताकि शिकायत निवारण सिर्फ कागजी दावा न रहकर वास्तव में यात्रियों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा कर सके। हमारे नागरिकों को हर उड़ान के समय जवाब मिलना चाहिए।
बता दें कि थरूर ने सवाल पूछा था कि ऐसी तत्काल यात्री शिकायतों या आपात सहायता जरूरतों के समाधान के लिए क्या व्यवस्था है जो निर्धारित 72 घंटे की समय-सीमा का इंतजार नहीं कर सकतीं। क्या ऐसे मामलों के लिए कोई फास्ट-ट्रैक या एस्केलेशन (उच्च स्तर पर भेजने) की व्यवस्था है? यदि हां, तो उसका विवरण क्या है? यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष के शुरू होने के बाद से प्राप्त कुल शिकायतों में से कितने प्रतिशत का समाधान किया गया है?
इसके साथ ही उन्होंने पूछा था कि प्राप्त शिकायतों का श्रेणीवार विवरण क्या है, जिसमें उड़ान में देरी, रद्दीकरण, रिफंड, बैगेज हैंडलिंग और एयरपोर्ट सेवाएं शामिल हों। क्या सरकार ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर किसी प्रणालीगत समस्या या बार-बार सामने आने वाले मुद्दों की पहचान की है? यदि हां, तो उनका विवरण और उन्हें दूर करने के लिए उठाए गए या प्रस्तावित कदम क्या हैं?
जवाब में मंत्रालय ने बताया कि हवाई यात्रियों की शिकायतों की रियल-टाइम निगरानी और त्वरित समाधान के लिए 24 घंटे काम करने वाला यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह एयरलाइंस, एयरपोर्ट और अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय में काम करता है ताकि प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान किया जा सके।
इसके संचालन के बाद से लगभग 97 प्रतिशत यात्रियों की शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इसके साथ ही 9 फरवरी तक प्राप्त शिकायतों की जानकारी भी साझा की गई है। हालांकि, थरूर का कहना है कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह शिकायतों और लंबित मामलों का पूरा डेटा सार्वजनिक करे।
मंत्रालय का कहना है कि शिकायतों के विश्लेषण से कुछ बार-बार आने वाली और प्रणालीगत समस्याएं सामने आई हैं, जिनमें मुख्य रूप से पीक ऑवर्स में भीड़, संचालन और मौसम से जुड़ी उड़ान बाधाएं, रिफंड में देरी, बैगेज हैंडलिंग में विलंब, पार्किंग से जुड़ी शिकायतें और यात्रियों की सुविधा से संबंधित चुनौतियां शामिल हैं।
इसके लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय, फ्रंटलाइन स्टाफ का नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता तथा डिजिटल शिकायत प्लेटफॉर्म के माध्यम से निगरानी को मजबूत करने जैसे कदम उठाए गए हैं।
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