- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- शहजाद पूनावाला का...

x
Delhi दिल्ली: भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोमवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर के ‘वंशवाद की राजनीति’ पर लिखे लेख की सराहना करते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। पूनावाला ने कहा कि थरूर ने अपने लेख में वही सच्चाई उजागर की है, जिसे उन्होंने 7-8 साल पहले कहा था, लेकिन उस समय उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। शहजाद पूनावाला ने मीडिया से बातचीत में कहा, “डॉ. शशि थरूर ने एक बहुत अच्छा लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कैसे भारतीय राजनीति एक पारिवारिक व्यापार में बदल चुकी है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की जड़ों को उजागर करते हुए लिखा है कि कांग्रेस के लिए सबसे पहले परिवार है — पार्टी बाद में आती है। इसका मतलब साफ है कि कांग्रेस में राजनीतिक पद आपको आपकी योग्यता से नहीं, बल्कि जन्म से मिलता है।
उन्होंने आगे कहा, “थरूर ने जो सच्चाई बयान की है, वही सच्चाई मैंने करीब 7 साल पहले कही थी। मैंने तब राहुल गांधी की असलियत बताई थी, लेकिन उन्होंने मुझे पार्टी से ऐसे निकाल दिया जैसे दूध में से मक्खी निकालते हैं। अब मेरी केवल यही अपेक्षा है कि कांग्रेस में जो मेरे साथ हुआ, वैसा शशि थरूर के साथ न हो। पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस में वंशवाद के खिलाफ बोलना ‘सबसे बड़ा अपराध’ माना जाता है, क्योंकि पार्टी पूरी तरह से परिवारवाद के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस में नामदारों को आइना दिखाना बहुत बड़ा जोखिम है। वहां सच्चाई बोलने वाले नेताओं की कोई जगह नहीं है।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य ‘नामदार’ नेता, जैसे बिहार के तेजस्वी यादव और कांग्रेस के राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे “कामदार” नेता पर लगातार व्यक्तिगत हमले करते हैं। उन्होंने कहा, “नामदारों की जलन इसी बात से दिखती है कि वे एक कामदार प्रधानमंत्री को अपशब्द कहते हैं। मोदी जी ने जनता के बीच रहकर विकास का काम किया है, जबकि ये लोग सिर्फ वंश के भरोसे राजनीति करते हैं। शहजाद पूनावाला ने थरूर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लेख में जो लिखा है, वह कांग्रेस की सत्ता संरचना की सच्चाई को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि थरूर जैसे वरिष्ठ नेता अगर पार्टी में रहकर यह बात कह रहे हैं, तो इसका मतलब है कि अब कांग्रेस के भीतर भी असंतोष बढ़ता जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि “कांग्रेस का हर निर्णय परिवार के इर्द-गिर्द ही घूमता है। पार्टी की नीतियों से लेकर टिकट बंटवारे तक में योग्यता की जगह वंश को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “कांग्रेस के लिए देश और लोकतंत्र बाद में आता है, परिवार पहले। यही कारण है कि पार्टी लगातार जनता का विश्वास खोती जा रही है। अंत में पूनावाला ने कहा कि देश की जनता अब इस पारिवारिक राजनीति से ऊब चुकी है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “कामदार राजनीति” को स्वीकार कर चुकी है।
Tagsदिल्लीशहजाद पूनावालाशशि थरूरकांग्रेसवंशवादराहुल गांधीभाजपानामदार बनाम कामदारINDIA गठबंधनराजनीतिक लेखमोदीजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





