दिल्ली-एनसीआर

AIMIM को झटका असीम वकार कांग्रेस में जाएंगे

Kavita2
2 Sept 2026 9:24 AM IST
AIMIM को झटका असीम वकार कांग्रेस में जाएंगे
x

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को बड़ा राजनीतिक झटका लगने की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद असीम वकार के कांग्रेस में शामिल होने की खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, असीम वकार बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, वकार ने अभी तक कांग्रेस में शामिल होने की खबर की न तो पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है।

असीम वकार AIMIM के प्रमुख नेताओं और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का पक्ष रखने वाले प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं। टेलीविजन बहसों और राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी की ओर से बयान रखने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। ऐसे में अगर वह AIMIM छोड़कर कांग्रेस में शामिल होते हैं तो इसे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जाएगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य में भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य दल अपने-अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। AIMIM भी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे समय में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के कांग्रेस में जाने की खबर ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।

सूत्रों के मुताबिक, असीम वकार के कांग्रेस में शामिल होने की प्रक्रिया दिल्ली में हो सकती है। हालांकि अभी तक कांग्रेस या AIMIM की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वकार से जब इस संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने खबर की पुष्टि या खंडन करने से इनकार किया है। ऐसे में उनकी अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

असीम वकार लंबे समय से AIMIM से जुड़े रहे हैं और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर विभिन्न मंचों पर संगठन का पक्ष रखते रहे हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने की स्थिति में यह सवाल भी उठेगा कि क्या इससे उत्तर प्रदेश में AIMIM की रणनीति प्रभावित होगी। खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां पार्टी मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार सक्रिय रहे हैं। उनकी पार्टी ने पिछले कुछ चुनावों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में उम्मीदवार उतारकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का प्रयास किया है। पार्टी का फोकस खासतौर पर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में संगठन का विस्तार करने और अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने पर रहा है।

दूसरी तरफ कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के बाद कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला था। इसके बाद पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना आधार बढ़ाने पर जोर दे रही है।

ऐसे में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता का कांग्रेस में संभावित प्रवेश कांग्रेस के लिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। असीम वकार का सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहना और मीडिया में पार्टी का पक्ष रखना उन्हें कांग्रेस के लिए उपयोगी चेहरों में शामिल कर सकता है। हालांकि उनके कांग्रेस में शामिल होने की स्थिति में उन्हें संगठन में क्या जिम्मेदारी मिलेगी, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

इस घटनाक्रम का एक दूसरा पहलू उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं की राजनीति से भी जुड़ा है। राज्य में मुस्लिम मतदाता कई विधानसभा सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में हैं। ऐसे में अलग-अलग राजनीतिक दल इस वर्ग के बीच अपना समर्थन बढ़ाने की कोशिश करते हैं। AIMIM भी इसी राजनीतिक आधार को ध्यान में रखते हुए कई सीटों पर अपनी सक्रियता बढ़ाती रही है।

कांग्रेस के लिए भी मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना महत्वपूर्ण है। पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की राजनीति के साथ-साथ अपने संगठन को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में AIMIM के एक प्रमुख प्रवक्ता का कांग्रेस में संभावित प्रवेश दोनों दलों के बीच राजनीतिक अंतर को भी चर्चा में ला सकता है।

हालांकि केवल किसी एक नेता के दल बदलने से चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल जाते हैं, ऐसा मानना जल्दबाजी होगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में चुनावी नतीजों पर स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार, संगठन, गठबंधन और बूथ स्तर की तैयारी जैसे कई कारक प्रभाव डालते हैं। इसके बावजूद किसी प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता का पार्टी बदलना संगठनात्मक और राजनीतिक संदेश के लिहाज से महत्वपूर्ण जरूर माना जाता है।

फिलहाल असीम वकार के संभावित कांग्रेस प्रवेश को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यदि बुधवार को दिल्ली में वह औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होते हैं तो यह AIMIM और कांग्रेस दोनों के लिए चर्चा का बड़ा विषय बन जाएगा। इसके बाद यह भी साफ होगा कि वकार कांग्रेस में किस भूमिका में नजर आएंगे और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पार्टी उनका किस तरह इस्तेमाल करती है।

दूसरी ओर AIMIM के लिए भी यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वकार के संभावित बाहर जाने का पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर उसकी मीडिया रणनीति पर कितना असर पड़ता है। पार्टी को उनकी जगह नया चेहरा सामने लाना पड़ सकता है।

फिलहाल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच जोड़तोड़ और संगठन विस्तार की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। असीम वकार के कांग्रेस में जाने की चर्चा इसी बदलते राजनीतिक माहौल का हिस्सा है। अब सभी की निगाह बुधवार को होने वाले संभावित घटनाक्रम और वकार के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी है।

Next Story