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DU में प्रोफेसर पर गंभीर आरोप, छात्रा को फेल करने की धमकी

nidhi
5 Nov 2026 11:49 AM IST
DU में प्रोफेसर पर गंभीर आरोप, छात्रा को फेल करने की धमकी
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नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित दौलत राम कॉलेज में एक छात्रा ने 55 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और परीक्षा में फेल करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने संबंधित प्रोफेसर को छुट्टी पर भेज दिया है। इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामले की जांच कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) कर रही है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर पिछले करीब तीन महीनों से उसे लगातार आपत्तिजनक संदेश भेज रहे थे। छात्रा की ओर से बात रखने वाले एक अन्य विद्यार्थी के मुताबिक, प्रोफेसर ने कथित तौर पर छात्रा के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की और उसे परीक्षा में फेल करने की धमकी भी दी।
बताया जा रहा है कि कथित घटना 27 अक्टूबर को कॉलेज परिसर में हुई थी। इसके दो दिन बाद यानी 29 अक्टूबर को छात्रा ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में यौन उत्पीड़न, अनुचित व्यवहार, दबाव बनाने और छेड़छाड़ से जुड़े कई आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने प्रारंभिक कदम उठाते हुए आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को छुट्टी पर भेज दिया। कॉलेज की उप-प्राचार्य प्रीति मल्होत्रा ने पुष्टि की है कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मामला आंतरिक समिति के पास है, इसलिए फिलहाल इस संबंध में अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
कॉलेज प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रोफेसर वर्तमान में कॉलेज नहीं आ रहे हैं। आंतरिक शिकायत समिति छात्रा की शिकायत की जांच कर रही है। आरोपों का सामना कर रहे असिस्टेंट प्रोफेसर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि आरोप झूठे और निराधार हैं तथा उन्हें फंसाया जा रहा है। प्रोफेसर ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस मिला है। वह कानूनी सलाह लेने के बाद नोटिस का जवाब देंगे।
इस मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विद्यार्थियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि शिक्षण संस्थानों में शिकायत दर्ज कराने वाली छात्राओं को किस तरह सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराया जाए। कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति से मामले की निष्पक्ष जांच की अपेक्षा की जा रही है। हालांकि, अभी तक जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए प्रोफेसर पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब सभी की नजरें आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर लिए जाने वाले अगले फैसले पर टिकी हैं।
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