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CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली पहुंचेंगे बड़े नेता

Kavita2
10 Oct 2026 10:40 AM IST
CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली पहुंचेंगे बड़े नेता
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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी के नेता आशुतोष रांका तथा सौरव दास शनिवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पहुंचेंगे। पार्टी के अनुसार, तीनों नेता जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दे उठाए जाने हैं।

प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। इसी बीच, सीजेपी ने दिल्ली जा रहे अपने समर्थकों और छात्रों को रास्ते में हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की निंदा की है। पार्टी का दावा है कि पुणे से दिल्ली आ रहे 15 से 30 छात्रों और सदस्यों को मध्य प्रदेश के इटारसी जंक्शन पर गोवा एक्सप्रेस से जबरन उतार दिया गया। इस मामले में मीडिया रिपोर्टों में भी छात्रों को रोके जाने की खबर सामने आई है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे CJP के नेता

सीजेपी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद वे जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़ी अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से उठाने की तैयारी की है।

इस प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। सीजेपी और उससे जुड़े प्रदर्शनकारी इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

पार्टी नेताओं ने कहा है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार किया है। ऐसे में कार्यक्रम के आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

इटारसी में गोवा एक्सप्रेस से उतारे जाने का आरोप

सीजेपी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि पुणे से दिल्ली जा रहे 15 से 30 छात्रों और पार्टी सदस्यों को मध्य प्रदेश के इटारसी जंक्शन पर गोवा एक्सप्रेस से जबरन उतार दिया गया। पार्टी ने इस कार्रवाई को विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए राजधानी आ रहे लोगों को रोकने की कोशिश बताया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 8 अक्टूबर को पुणे से दिल्ली जा रहे छात्रों को इटारसी में रोका गया था। रिपोर्टों में 14 से 16 छात्रों को ट्रेन से उतारे जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ अन्य रिपोर्टों में मध्य प्रदेश के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को रोके जाने की बात भी कही गई है।

छात्रों के बारे में प्रकाशित खबरों के अनुसार, वे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) सहित कुछ छात्र और युवा संगठनों से जुड़े थे। उनका उद्देश्य दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में हिस्सा लेना था।

हालांकि, सभी लोगों को रोके जाने की परिस्थितियों और कार्रवाई के कानूनी आधार पर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना जरूरी है।

हिरासत की निंदा, लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठाया

सीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे लोगों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। पार्टी का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने के लिए यात्रा कर रहे लोगों को रोकना उचित नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से उनकी आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है। हालांकि, यह पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इन्हें संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया के साथ देखा जाना चाहिए।

इटारसी में रोके गए छात्रों के संबंध में प्रकाशित रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि उन्हें एक स्थानीय परिसर में रखा गया और उनकी वापसी की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा था। कुछ छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि अधिकारियों की ओर से कार्रवाई को लेकर अलग विवरण सामने आए।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दिए जाने के कारण प्रशासन की नजर इस बात पर भी है कि प्रदर्शनकारी किस तरह एकत्र होते हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर क्या असर पड़ता है।

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने और दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने को कहा था। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

वहीं, सीजेपी का कहना है कि वह अपनी मांगों को सामने रखने के लिए प्रदर्शन करेगी। इस टकराव के बीच राजधानी में पुलिस की तैयारियों और पार्टी नेताओं के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

सीजेपी का प्रस्तावित प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर केंद्रित है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची में नामों को हटाए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठा रहे हैं।

हालांकि, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और सक्षम संस्थाओं की जांच के आधार पर ही की जा सकती है। फिलहाल सीजेपी ने इन मुद्दों को प्रदर्शन का मुख्य आधार बनाया है।

कुल मिलाकर, शनिवार को दिल्ली में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले पार्टी नेताओं ने राजधानी पहुंचकर आंदोलन का नेतृत्व करने की तैयारी की है। दूसरी ओर, इटारसी में छात्रों को रोके जाने के मामले ने विवाद बढ़ा दिया है। पार्टी ने कार्रवाई की निंदा की है, जबकि पूरे घटनाक्रम और हिरासत के आधार को लेकर संबंधित अधिकारियों की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

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