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दिल्ली-एनसीआर
वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरजी ठुम्मर का 67 वर्ष की आयु में निधन, नेताओं ने श्रद्धांजलि दी
SHIDDHANT
7 Oct 2026 9:59 PM IST

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Delhi दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिसकर्मी अंकित कसाना ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान करीब 40 से 50 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया, गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की। मामले की जांच की जा रही है।
घटना ऐसे समय सामने आई है जब नई दिल्ली क्षेत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे को लेकर कई दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। कांग्रेस समेत विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के कारण पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कांस्टेबल अंकित कसाना प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया। पुलिसकर्मी ने भीड़ पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। फिलहाल इस घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था।
वीडियो खंगाल रही पुलिस
दिल्ली पुलिस हाल के प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित हमलों से जुड़े वीडियो भी खंगाल रही है। रिपोर्टों के अनुसार, जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों, जिनमें महिला कर्मी भी शामिल हैं, के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप सामने आए हैं। पुलिस ऐसे मामलों में वीडियो और मोबाइल रिकॉर्डिंग के जरिए आरोपियों की पहचान करने की तैयारी कर रही है।
इससे पहले भी प्रदर्शन के दौरान एक CISF कांस्टेबल पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप सामने आया था। CISF के मुताबिक, कांस्टेबल बिक्रम कुमार को मामूली चोट लगी थी और उन्हें इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। आरोपी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी।
पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे
लगातार हो रहे प्रदर्शनों और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस ने विरोध स्थलों पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे भी दिए हैं। इसका उद्देश्य घटनाओं की रिकॉर्डिंग और कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखना बताया गया है।
फिलहाल कांस्टेबल अंकित कसाना से कथित मारपीट के मामले में जांच जारी है। शुरुआती रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मामले में कितने लोगों की पहचान हो चुकी है या अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है।
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