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सीमापुरी हादसा: इमारत ढहने से कई लोगों के फंसने की आशंका

Tara Tandi
7 Oct 2026 5:55 PM IST
सीमापुरी हादसा: इमारत ढहने से कई लोगों के फंसने की आशंका
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नई दिल्ली: अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को उत्तरी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक बहुमंजिला इमारत का कुछ हिस्सा ढह गया, जिससे मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है। दिल्ली फायर सर्विस ने घटनास्थल पर दमकल की दो गाड़ियां भेजी हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा: "सीमापुरी में एक बहुमंजिला इमारत ढह गई है और बचाव दल घटनास्थल पर काम कर रहे हैं।"
पुलिस ने कहा कि सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है।
पुलिस ने आगे कहा, "हर खाली लेन एम्बुलेंस और बचाव वाहन को तेजी से निकलने का रास्ता देती है। अगर हो सके तो इस इलाके में जाने से बचें। घटनास्थल के पास न रुकें, न गाड़ी पार्क करें और न ही भीड़ लगाएं, और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।"
यह घटना राष्ट्रीय राजधानी के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत (जिसमें पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन चल रहा था) के ढहने के एक महीने बाद हुई है, जिसमें पांच छात्रों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी।
इस त्रासदी के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे अनधिकृत निर्माणों पर कोर्ट के पहले के निर्देशों का पालन करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में हलफनामा दाखिल करें।
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने एमिकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) अजीत कुमार सिन्हा के सुझाव को स्वीकार कर लिया। इस सुझाव के तहत अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के सामने उन कार्रवाइयों की रिपोर्ट पेश करनी होगी जो कोर्ट के पिछले आदेशों के तहत की गई हैं।
जस्टिस अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया गया कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन घटना से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए 7 सितंबर को दिल्ली नगर निगम (MCD) को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था और मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर के लिए तय की थी।
एमिकस क्यूरी ने कहा कि हाई कोर्ट की कार्यवाही जारी रह सकती है, साथ ही अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के सामने भी एक रिपोर्ट पेश करनी चाहिए जिसमें मौजूदा कार्यवाही में उठाए गए मुद्दों को शामिल किया गया हो।
एमिकस ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले निर्देशों के दायरे में आने वाले इलाकों - दिल्ली में लाजपत नगर, मालवीय नगर, साकेत और सरोजिनी नगर, और लखनऊ में अलीगंज - में दिल्ली और लखनऊ में पहले ही निरीक्षण किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया गया कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने से जुड़े मुद्दों पर पहले ही कार्रवाई की जा रही है और मौजूदा कार्यवाही में अधिकारियों को रिपोर्ट भी सौंपनी है।
इस सुझाव को मानते हुए बेंच ने कहा कि वह "फिलहाल हाई कोर्ट में चल रहे मामले की स्थिति में कोई बदलाव नहीं करेगी" और मामला चलता रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हाई कोर्ट से अनुरोध है कि वह (PIL) मामले की समय-समय पर निगरानी करे।"
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