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SC का बड़ा फैसला: रेलवे कर्मचारी भी केंद्रीय कर्मचारियों के समान, CAT जाने का अधिकार बरकरार

Kavita2
28 May 2026 1:06 PM IST
SC का बड़ा फैसला: रेलवे कर्मचारी भी केंद्रीय कर्मचारियों के समान, CAT जाने का अधिकार बरकरार
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New Delhi नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 28 मई को एक अहम फैसले में स्पष्ट किया कि रेलवे कर्मचारी अन्य केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के समान माने जाएंगे और उन्हें सेवा संबंधी मामलों में सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) का दरवाजा खटखटाने का पूरा अधिकार है। यह फैसला रेलवे कर्मचारियों की सेवा शर्तों और उनके कानूनी अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण व्याख्या माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की जस्टिस दीपक दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि केवल इसलिए किसी रेलवे कर्मचारियों को यूनियन सिविल सेवा का सदस्य नहीं माना जा सकता कि उनकी नियुक्ति रेलवे के विशेष नियमों के तहत हुई है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सेवा की नियुक्ति चाहे रेलवे नियमों के तहत हो, लेकिन कर्मचारी केंद्र सरकार के अधीन ही माने जाएंगे।

कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि रेलवे कर्मचारियों से जुड़े मामलों में CAT के अधिकार क्षेत्र पर कोई रोक नहीं है। इसका अर्थ यह है कि रेलवे कर्मचारी अपनी सेवा से जुड़े विवादों, अनुशासनात्मक मामलों और अन्य प्रशासनिक मुद्दों के लिए सीधे CAT में याचिका दाखिल कर सकते हैं।

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल को लेकर दिए गए इस फैसले को सेवा शर्तों की व्याख्या में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि “सेवा मामलों” की परिभाषा में वे सभी मुद्दे शामिल हैं जो केंद्र सरकार या उसके नियंत्रण में आने वाली सेवाओं की शर्तों से संबंधित हैं।

जस्टिस दत्ता ने अपने फैसले में यह भी कहा कि रेलवे कर्मचारी भले ही रेलवे के लिए बनाए गए विशेष नियमों के तहत नियुक्त किए गए हों, लेकिन वे केंद्र सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में ही रहते हैं और इसलिए उनका दर्जा सिविल पदधारी जैसा ही माना जाएगा।

इस फैसले से रेलवे कर्मचारियों को कानूनी राहत लेने का एक स्पष्ट और मजबूत मंच मिलेगा, जिससे उनके सेवा संबंधी विवादों का निपटारा अधिक पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में रेलवे से जुड़े हजारों मामलों पर असर डाल सकता है और कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करेगा।

रेलवे प्रशासन और कर्मचारियों के बीच चल रहे कई विवादों के संदर्भ में भी इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब तक कुछ मामलों में CAT के अधिकार क्षेत्र को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती थी, जिसे इस फैसले ने काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है।

कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय रेलवे कर्मचारियों के अधिकारों और सेवा न्याय प्रणाली को लेकर एक अहम मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनके लिए न्याय पाने की प्रक्रिया और अधिक सुलभ और स्पष्ट हो जाएगी।

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