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भोपाल दहेज हत्या मामले में SC ने लिया स्वतः संज्ञान, 25 मई को होगी सुनवाई

Delhi दिल्ली: भोपाल में पूर्व एक्ट्रेस और मॉडल त्विशा शर्मा की संदिग्ध दहेज हत्या के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे संस्थागत भेदभाव और प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला माना है।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने इस केस पर सुनवाई के लिए सोमवार, 25 मई 2026 की तारीख तय की है। अदालत ने शनिवार, 23 मई 2026 को इस मामले को “इन री: अप्राकृतिक मौत में कथित संस्थागत भेदभाव और प्रक्रिया में गड़बड़ी” के शीर्षक के तहत दर्ज किया।
सुप्रीम कोर्ट के इस कदम को मामले की गंभीरता और जांच प्रक्रिया में संभावित खामियों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अप्राकृतिक मौत से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई या भेदभाव न हो।
इस बीच, भोपाल की निचली अदालत ने इस मामले में एक और अहम आदेश दिया है। त्विशा शर्मा के पति और दहेज हत्या के मामले में मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस रिमांड के दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों और परिस्थितियों की जांच की जाएगी।
वहीं, इस मामले में सह-आरोपी और समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने अब तक उनका बयान दर्ज करने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया है। उनका कहना है कि एक हाई-प्रोफाइल केस होने के बावजूद जांच प्रक्रिया में सभी पक्षों को समान रूप से शामिल नहीं किया जा रहा है।
पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले की जांच तेजी से जारी है और सभी संबंधित पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह मामला अब न केवल भोपाल बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें दहेज उत्पीड़न, अप्राकृतिक मौत और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की जांच और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी। अब सभी की निगाहें 25 मई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत इस मामले में आगे की दिशा तय कर सकती है।





