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SC ने गाजियाबाद दुष्कर्म-हत्या मामले में SIT गठित करने का आदेश, UP DGP को निर्देश

Delhi दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि वह गाजियाबाद में चार वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करें। यह मामला पिछले महीने सामने आया था और पीड़िता के परिजनों ने गाजियाबाद पुलिस की जांच पर असंतोष जताया था, जिसके बाद मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए SIT का गठन आवश्यक है। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली भी शामिल थे।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि गठित होने वाली SIT में एक महिला पुलिस अधिकारी का शामिल होना अनिवार्य होगा, ताकि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए जांच की जा सके। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि इस टीम का नेतृत्व कमिश्नर या इंस्पेक्टर जनरल रैंक का वरिष्ठ अधिकारी करेगा, जिससे जांच की विश्वसनीयता बनी रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SIT को पीड़िता के माता-पिता द्वारा उठाई गई सभी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जांच के दौरान उन दो निजी अस्पतालों की भूमिका की भी जांच की जाए, जिन्होंने कथित रूप से पीड़िता का इलाज करने से इनकार कर दिया था।
पीठ ने यह भी कहा कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई की जरूरत है, इसलिए SIT के गठन की जानकारी शुक्रवार या शनिवार सुबह 11 बजे तक अदालत को दी जाए। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी को अस्वीकार्य बताया।
यह मामला गाजियाबाद में एक चार वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया था। पीड़िता के परिवार ने स्थानीय पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए लिया गया है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और जांच प्रक्रिया पर विश्वास बहाल हो सके।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में SIT का गठन जांच को अधिक स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाता है, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने की संभावना बढ़ जाती है।





