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कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली को लेकर सलमान खुर्शीद का बयान

Ratna Netam
25 Oct 2026 9:22 PM IST
कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली को लेकर सलमान खुर्शीद का बयान
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नई दिल्ली। कांग्रेस की 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पार्टी की तैयारियों और रणनीति पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि रैली से पहले आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच एक माहौल तैयार करना और उन्हें कांग्रेस के लक्ष्यों तथा उद्देश्यों के बारे में जानकारी देना था। खुर्शीद के अनुसार, पार्टी चाहती है कि आम लोग उसके कार्यक्रमों और विचारों को बेहतर तरीके से समझ सकें।सलमान खुर्शीद ने बताया कि रैली की तैयारियों के तहत 'नकली संसद' (मॉक पार्लियामेंट) और 'नकली महाभियोग' (मॉक इम्पीचमेंट) जैसे प्रतीकात्मक आयोजन किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पार्टी की बात को जनता तक पहुंचाना और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना था।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन कांग्रेस की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। इनके माध्यम से पार्टी अपने उद्देश्यों को लोगों के सामने रखने और राजनीतिक मुद्दों पर उनका ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रही है।
रैली से पहले माहौल बनाने पर जोर
सलमान खुर्शीद ने रैली की तैयारियों को लेकर कहा कि पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों का उद्देश्य एक ऐसा माहौल बनाना है, जिसमें लोग कांग्रेस के विचारों और लक्ष्यों को समझ सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैली से पहले होने वाली गतिविधियां इसी प्रयास का हिस्सा हैं।
खुर्शीद ने कहा, "यह सब माहौल बनाने के लिए है।"
उनके इस बयान से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस रैली के आयोजन के साथ-साथ उससे पहले होने वाली गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण मान रही है। पार्टी का प्रयास है कि कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुंचाई जाए और उन्हें रैली के उद्देश्यों से अवगत कराया जाए।
मॉक पार्लियामेंट और मॉक इम्पीचमेंट पर चर्चा
रैली से पहले विपक्षी गठबंधन की ओर से मॉक पार्लियामेंट और मॉक इम्पीचमेंट की योजना बनाई गई है। इसके तहत 30 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग की कार्यवाही आयोजित करने की घोषणा की गई है। यह वास्तविक संसदीय महाभियोग प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि विपक्ष के राजनीतिक विरोध का प्रतीकात्मक कार्यक्रम होगा।कांग्रेस और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठा रहे हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक मांगें हैं।
रामलीला मैदान में होगी 1 नवंबर की रैली
कांग्रेस और विपक्षी इंडिया गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की तैयारी की है। इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संगठनात्मक स्तर पर बैठकें भी की हैं।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के नेताओं के साथ रैली की तैयारियों की समीक्षा की। इन बैठकों में सलमान खुर्शीद समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए। पार्टी ने विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को कार्यक्रम में शामिल करने की तैयारी की है।
राजनीतिक संदेश जनता तक पहुंचाने की कोशिश
सलमान खुर्शीद के अनुसार, रैली से पहले आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का मकसद लोगों को पार्टी के उद्देश्यों से परिचित कराना है। उनका कहना है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने और अपनी बात रखने का प्रयास किया जा रहा है।कांग्रेस इस रैली के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े अपने सवालों को सार्वजनिक चर्चा में लाना चाहती है। पार्टी नेतृत्व ने इसे विपक्षी एकजुटता प्रदर्शित करने का अवसर भी बताया है।फिलहाल कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का ध्यान 30 अक्टूबर के प्रतीकात्मक कार्यक्रम और 1 नवंबर की रैली की तैयारियों पर केंद्रित है। सलमान खुर्शीद ने इन गतिविधियों को जनता के बीच राजनीतिक संदेश पहुंचाने और माहौल तैयार करने की रणनीति का हिस्सा बताया है।
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