- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- Sahibabad: बीट...
Sahibabad: बीट पुलिसिंग के लिए टीएचए में 1006 पुलिसकर्मी होंगे सक्रिय

साहिबाबाद: ट्रांस हिंडन एरिया (टीएचए) में कानून-व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए बीट पुलिसिंग व्यवस्था 16 मई से लागू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत 1006 पुलिसकर्मियों को बीट पुलिसिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें 693 बीट पुलिस आॅफिसर और 313 बीट उप निरीक्षक तैनात किए गए हैं। सभी को तीन सर्किलों के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
शनिवार को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे.रविंद्र गौड़ टीएचए में आयोजित बीट अधिकारी सम्मेलन में पहुंचे और सभी को जिम्मेदारी सौंपककर लोगों के बीच पहुंचकर भरोसा कायम करने, मदद करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान एडिशनल कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी निमिष पाटिल व सभी एसीपी मौजूद रहे।
शनिवार को साहिबाबाद थाना क्षेत्र के मोहननगर स्थित आईटीएस कॉलेज में बीट पुलिस सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर जे.रविंद्र गौड़ ने बीट अधिकारियों से सीधे संवाद किया और उन्हें अपराध नियंत्रण, जनता से संवाद और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कि बीट पुलिसिंग व्यवस्था से अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र में गश्त करने, स्थानीय समस्याओं को समझने और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस की नौकरी जॉब नहीं सेवा है और जनता के दिए जाने वाले टैक्स के जरिए हमें वेतन मिलता है, इसलिए जनता हमारी नियोक्ता है। जनता का सम्मान और सेवा करना ही पुलिस की ड्यूटी है। टीएचए में 693 बीपीओ और 313 बीएसआई बनाए गए हैं। एक बीपीओ पर 5000 लोगों की जिम्मेदारी रहेगी। इनमें कितने अपराधी हैं और कितने समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति, इसकी जानकारी बीपीओ को जुटानी होगी। कमिश्नर ने बताया कि बीपीओ को बीएनएस के तहत धारा 126 और 175 की कार्रवाई करने का भी अधिकार होगा। कार्यक्रम में एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव और टीएचए के सभी थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे।
नौकरी या सेवा के सवाल पर छाई खामोशी: पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान कमिश्नर जे.रविंद्र गौड़ ने जब यह सवाल किया कि वह विभाग में सेवा करने आए हैं या नौकरी तब पूरे आॅडिटोरियम में खामोशी छा गई। काफी देर तक जब जवाब नहीं मिला, तब कमिश्नर ने खुद ही इसका जवाब देते हुए अपनी बात पूरी की। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम सेवा करना है, इसलिए सेवा भाव के साथ अपने नियोक्ता की सेवा करनी चाहिए। जब लोगों तक पहुंच और उनका भरोसा हमारे साथ होगा तभी हम एक भय मुक्त क्षेत्र की स्थापना करने में सफल हो पाएंगे।





