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आरटीआई खुलासा फास्ट ट्रैक कोर्ट के लंबित मामलों में यूपी टॉप पर
nidhi
27 Aug 2026 7:37 AM IST

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पेपर लीक कांड
नई दिल्ली : देश में त्वरित न्याय के लिए बनाई गई फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरटीआई से सामने आई जानकारी के अनुसार, फास्ट ट्रैक अदालतों में सबसे ज्यादा लंबित मामलों वाले राज्यों की सूची में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है। राज्य में बड़ी संख्या में मामले वर्षों से लंबित पड़े हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फास्ट ट्रैक अदालतों का उद्देश्य गंभीर अपराधों, खासकर महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है। लेकिन लंबित मामलों की बड़ी संख्या बताती है कि इन अदालतों पर मुकदमों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों की संख्या देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं।
बढ़ते मामलों से न्याय व्यवस्था पर दबाव
विशेषज्ञों का कहना है कि फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना का मकसद मामलों का तेजी से निपटारा करना था, लेकिन जजों की कमी, कर्मचारियों की कमी और लगातार बढ़ते मुकदमों के कारण कई अदालतों में लंबित मामलों का बोझ बढ़ता जा रहा है। कई मामलों में पीड़ित परिवारों को लंबे समय तक फैसले का इंतजार करना पड़ता है। इससे न्याय मिलने में देरी होती है और फास्ट ट्रैक व्यवस्था के उद्देश्य पर भी सवाल खड़े होते हैं।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों की बड़ी संख्या
फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में बड़ी संख्या में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले सुने जाते हैं। सरकार ने इन मामलों के जल्द निपटारे के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था शुरू की है। कई राज्यों में इन अदालतों में मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपराधों की संख्या अधिक होने के कारण लंबित मामलों का आंकड़ा भी ज्यादा है।
सरकार उठा रही कदम
केंद्र सरकार फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इन अदालतों ने अब तक लाखों मामलों का निपटारा किया है, लेकिन लंबित मामलों को कम करना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ अदालतों की संख्या बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति, बेहतर संसाधन और प्रभावी केस मैनेजमेंट सिस्टम की जरूरत है। फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों में उत्तर प्रदेश का शीर्ष पर होना न्याय व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती को दिखाता है। अब जरूरत है कि लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए, ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
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