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Delhi दिल्ली केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा को बताया कि वह दिल्ली-NCR में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए 1.04 लाख करोड़ रुपये की सड़क और हाईवे परियोजनाएं लागू कर रही है। इसमें दक्षिण दिल्ली के लिए कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जैसे कि एक नई सुरंग, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और सड़कों को बेहतर बनाना। दक्षिण दिल्ली के बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी के एक सवाल का जवाब देते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि NCR में कनेक्टिविटी बेहतर करने और ट्रैफिक की आवाजाही आसान बनाने के लिए 1,04,145 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 2,105 किलोमीटर लंबी परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।
प्रमुख परियोजनाओं में एक छह-लेन वाला ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शामिल है जो दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (DND) फ्लाईवे को फरीदाबाद होते हुए सोहना से जोड़ेगा। इसकी अनुमानित लागत 4,583 करोड़ रुपये है। उम्मीद है कि यह कॉरिडोर दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच बिना रुकावट वाला संपर्क प्रदान करेगा और मौजूदा रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा। एक और अहम परियोजना वसंत कुंज में शिव मूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग तक छह-लेन की सुरंग है। लगभग 7,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह सुरंग द्वारका एक्सप्रेसवे और NH-48 को नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगी। इससे महिपालपुर, वसंत कुंज और एयरपोर्ट कॉरिडोर पर ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।
गडकरी ने सदन को यह भी बताया कि दक्षिण दिल्ली में चार महत्वपूर्ण सड़क हिस्सों को बेहतर बनाने के प्रस्तावों पर काम शुरू किया गया है। इनमें आश्रम चौक से बदरपुर बॉर्डर, महरौली-गुड़गांव रोड, INA से महिपालपुर और कालिंदी कुंज जंक्शन को ओखला बैराज से जोड़ने वाला इंटरचेंज शामिल हैं। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं की लागत, काम शुरू करने का शेड्यूल और पूरा होने की समय-सीमा अभी तय नहीं की गई है। ये सब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), व्यवहार्यता अध्ययन और कानूनी मंज़ूरी मिलने के बाद तय किए जाएंगे।
अपने जवाब में गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ट्रैफिक की मांग, तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता और PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के साथ तालमेल के आधार पर हाईवे विकास परियोजनाएं शुरू करता रहता है। यह घोषणा दिल्ली, खासकर दक्षिण दिल्ली में ट्रैफिक जाम की बिगड़ती स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच की गई है, जहां यात्रियों को अक्सर मुख्य सड़कों पर जाम का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स से दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे रोज़ाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को फ़ायदा होगा।





