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RLM अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा बोले—NDA एकजुट, महागठबंधन में झगड़ा जारी

SHIDDHANT
20 Oct 2025 9:32 PM IST
RLM अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा बोले—NDA एकजुट, महागठबंधन में झगड़ा जारी
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Bihar बिहार। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आगामी चुनाव को लेकर महत्त्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) पूरी तरह एकजुट है और गठबंधन के दल अच्छी गति से आगे बढ़ रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “हम (NDA) एकजुट हैं और हम उनसे (महागठबंधन) बहुत आगे हैं। महागठबंधन में शामिल दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। हमने (NDA) सीटों का बंटवारा पूरा कर लिया है और अब हम रणनीति के तहत चुनाव प्रचार में जुटे हैं। हम अच्छी गति से आगे बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने महागठबंधन की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि महागठबंधन के अंदर कई दलों के बीच सीटों को लेकर मतभेद हैं, और इसका असर उनके चुनावी अभियान पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि NDA में एकजुटता और स्पष्ट रणनीति की वजह से गठबंधन को फायदा मिलेगा। RLM अध्यक्ष ने यह भी बताया कि उनके गठबंधन ने सीटों का बंटवारा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सदस्य दल चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं और जनता तक अपने संदेश को पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाएंगे।
उपेंद्र कुशवाहा ने आगामी चुनाव को लेकर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों और उपलब्धियों को साझा करना अब उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण के मुद्दों पर ध्यान दे रही है और NDA के गठबंधन का यह प्रयास होगा कि इन मुद्दों को सामने लाया जाए। इस अवसर पर उन्होंने चुनाव में अनुशासन, एकजुटता और रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि NDA के भीतर सभी दल चुनावी तैयारियों में शामिल हैं और सभी मिलकर जनता तक अपने संदेश पहुंचाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपेंद्र कुशवाहा का यह बयान NDA की ताकत और महागठबंधन की कमजोरी को उजागर करता है। इसके साथ ही, सीट बंटवारे और गठबंधन के अंदरुनी समीकरणों पर प्रकाश डालता है। इस प्रकार, RLM अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पटना से यह स्पष्ट संदेश दिया कि NDA एकजुट और संगठित है, जबकि महागठबंधन में मतभेद और विरोधाभास उसके चुनावी अभियान में चुनौती पैदा कर सकते हैं। आगामी चुनाव में यह गठबंधन की रणनीति और जनता के फैसले पर निर्णायक प्रभाव डाल सकता है।
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