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नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने न्यूयॉर्क में भारतीय झंडे के कथित अपमान को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने रविवार को एक प्रदर्शन के दौरान भारतीय तिरंगे के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के राष्ट्रीय ध्वज और भारत का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह मामला उस समय सामने आया, जब न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम स्थल के बाहर कुछ लोगों द्वारा प्रदर्शन किया गया। इसी प्रदर्शन का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
We always said, you have freedom to criticize RSS, BJP or Govt. but don't abuse our nation.
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 30, 2026
ध्यान से सुनें.. हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। यह तुम्हें बहुत ज़्यादा महंगा पड़ेगा। pic.twitter.com/THH2kT49yc
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रदर्शन से जुड़ा एक कथित वीडियो साझा करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा, "ध्यान से सुनें... हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान न करें। यह आपको बहुत महंगा पड़ेगा।"
रिजिजू ने अपने बयान के जरिए साफ संदेश देने की कोशिश की कि भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर जगह किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की पहचान और सम्मान का प्रतीक है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान भारतीय झंडे को लेकर कथित घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
हालांकि, इस मामले में सामने आए वीडियो और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारियों और संबंधित पक्षों की ओर से घटना को लेकर जांच या प्रतिक्रिया की जानकारी का इंतजार है।
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान पर जोर
किरेन रिजिजू ने अपने बयान में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारत के झंडे का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि विदेशों में भी भारतीय नागरिक और भारत समर्थक लोग देश के सम्मान और गौरव से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेते हैं।
विदेशों में भारतीय समुदाय की सक्रियता
दुनिया के कई देशों में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं। भारतीय समुदाय अक्सर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामाजिक गतिविधियों और राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेता है।
विदेशों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कभी-कभी राजनीतिक या वैचारिक विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिलते हैं। ऐसे मामलों में भारत से जुड़े राष्ट्रीय प्रतीकों और भावनाओं को लेकर विवाद खड़े हो जाते हैं।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर अपनी राय रखी है।
वहीं, कुछ लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सरकार का सख्त संदेश
किरेन रिजिजू का बयान केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार पहले भी कई मौकों पर विदेशों में भारत और भारतीय संस्थाओं के खिलाफ होने वाली गतिविधियों पर आपत्ति जताती रही है।
मंत्री ने अपने बयान के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज और देश की गरिमा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मामले पर आगे की नजर
फिलहाल न्यूयॉर्क में हुए इस प्रदर्शन और भारतीय झंडे के कथित अपमान के मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है। संबंधित अधिकारी घटना के सभी पहलुओं की जांच कर सकते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर विदेशों में भारत से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और संवेदनशील मुद्दों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। वहीं, किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सुर्खियों में बना हुआ है।





