- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- प्रदर्शनकारियों पर...
दिल्ली-एनसीआर
प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप रिजिजू ने नकारे
Ratna Netam
14 Aug 2026 5:44 PM IST

x
नई दिल्ली : केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हजारों प्रदर्शनकारियों के बीच अगर वास्तव में पैलेट गन चलाई गई होती तो बड़ी संख्या में लोग घायल होते। केवल कुछ लोगों को इस तरह की चोट लगने के दावे की परिस्थितियों की भी जांच की जानी चाहिए।
यह विवाद 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च से जुड़ा है। नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र तथा युवा संसद की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ तथा आंसू गैस और लाठीचार्ज किए जाने की खबरें सामने आईं।विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया। इस मुद्दे को संसद के मॉनसून सत्र में उठाते हुए विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब देने की मांग की। विपक्षी सांसदों का कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर इस प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मीडिया रिपोर्टों और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के मुताबिक, 25 वर्षीय एक प्रदर्शनकारी के शरीर पर करीब 20 पैलेट लगने के निशान मिले थे। उसकी पीठ और कोहनी पर चोट बताई गई। एक अन्य प्रदर्शनकारी की आंख में गंभीर चोट आने की भी बात सामने आई थी। हालांकि इन चोटों के कारण और हथियार के संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक तथा तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।एक साक्षात्कार में इस विवाद पर सवाल किए जाने पर रिजिजू ने कहा कि पैलेट गन से एक बार में कई छर्रे निकलते हैं। यदि हजारों लोगों की भीड़ के बीच ऐसा हथियार चलाया गया होता तो सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि सैकड़ों लोग घायल होते। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति को चोट लगने की स्थिति में यह भी जांचना आवश्यक है कि उसे चोट कैसे और किन परिस्थितियों में लगी।
रिजिजू ने प्रदर्शनकारियों की संख्या का हवाला देते हुए दावा किया कि संसद मार्च के दौरान करीब 30 से 40 हजार लोग आगे बढ़ रहे थे। इतनी बड़ी भीड़ के संसद की ओर जाने पर उसे रोकना पुलिस की जिम्मेदारी थी। उनके मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यकता के अनुसार बल प्रयोग करना पड़ सकता है और पुलिस ने कठिन परिस्थिति को संभाला।दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने भी शुरुआत में पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों को गलत और भ्रामक बताया था। प्रदर्शन में घायल लोगों और एक पूर्व आईपीएस अधिकारी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर भीड़ नियंत्रण के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने, घटना की स्वतंत्र जांच कराने, घायलों को मुआवजा देने और उनके उपचार की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों के पीछे हटने के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने पंप एक्शन गन से पैलेट दागे थे। यह फिलहाल याचिकाकर्ताओं का आरोप है, जिस पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को घायल प्रदर्शनकारियों के उचित उपचार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित गोला-बारूद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को भी कहा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि पैलेट गन का इस्तेमाल केवल असाधारण परिस्थितियों में किया जाना चाहिए। हालांकि इसके प्रयोग की वैधता और घटना से जुड़े तथ्यों पर विस्तृत सुनवाई अभी होनी है।
रिजिजू ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण अदालत पहले तथ्यों की जांच करेगी और इस स्तर पर अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कांग्रेस सरकारों के दौरान कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल का उल्लेख भी किया। फिलहाल केंद्र और पुलिस इस्तेमाल से इनकार कर रहे हैं, जबकि घायलों तथा याचिकाकर्ताओं ने इसके विपरीत आरोप लगाए हैं। विवाद का अंतिम सच अदालत की सुनवाई और आधिकारिक जांच के बाद स्पष्ट होगा।
TagsRijiju denies allegations of excessive use of forceअत्यधिकबलप्रयोगआरोपरिजिजूनकारेजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





