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नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के लिए संशोधित कार्यक्रम घोषित किया है। शनिवार को जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, दोनों राज्यों में मतदाता सूची के संशोधन के लिए 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि यानी क्वालिफाइंग डेट माना गया है। निर्वाचन आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से मिले औपचारिक अनुरोधों के बाद कार्यक्रम में बदलाव किया है।
आधिकारिक आदेशों के मुताबिक दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 23 सितंबर को निर्वाचन आयोग को कार्यक्रम में बदलाव के लिए अनुरोध भेजा था। इसके एक दिन बाद 24 सितंबर को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से भी इसी संबंध में अनुरोध किया गया। दोनों राज्यों से प्राप्त अनुरोधों पर विचार करने के बाद आयोग ने SIR के कार्यक्रम को संशोधित करने का निर्णय लिया।
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन की प्रक्रिया के लिए 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित किया गया है। इसका मतलब है कि मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया में पात्रता का निर्धारण इस तारीख के आधार पर किया जाएगा। मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया में अर्हता तिथि महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आयोग ने इससे पहले भी वर्ष 2026 में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर कई आदेश जारी किए थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक निर्वाचन आयोग ने 14 मई, 15 जुलाई, 4 अगस्त और 19 अगस्त 2026 को इससे संबंधित आदेश जारी किए थे। अब दिल्ली और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध के बाद संशोधित कार्यक्रम सामने आया है।
विशेष गहन संशोधन मतदाता सूची से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके तहत निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन करने का काम करता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि पात्र मतदाताओं से संबंधित विवरण मतदाता सूची में दर्ज हों और सूची में आवश्यक सुधार किए जा सकें।
दिल्ली और महाराष्ट्र में SIR के कार्यक्रम में किया गया यह बदलाव संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से भेजे गए औपचारिक अनुरोध के बाद हुआ है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से 23 सितंबर को भेजे गए अनुरोध पर आयोग ने विचार किया। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 24 सितंबर को अपना अनुरोध आयोग के सामने रखा। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने दोनों जगहों के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया।
अर्हता तिथि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अहम भूमिका निभाती है। आयोग की ओर से इस बार 1 अक्टूबर 2026 की तारीख तय किए जाने के बाद इसी तारीख को आधार बनाकर पात्रता से जुड़े मामलों पर विचार किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में आयोग के निर्धारित नियम और पात्रता की शर्तें लागू होंगी।
निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और अद्यतन के लिए कार्यक्रम जारी करता है। इस प्रक्रिया के दौरान नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने, मतदाताओं के विवरण में आवश्यक सुधार और अन्य जरूरी बदलावों की प्रक्रिया की जाती है। इसके लिए आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न चरण पूरे किए जाते हैं।
दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे बड़ी मतदाता आबादी वाले क्षेत्रों में मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया व्यापक स्तर पर संचालित की जाती है। ऐसे में आयोग के कार्यक्रम और अर्हता तिथि का विशेष महत्व होता है। संशोधित कार्यक्रम जारी होने के बाद संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया संचालित करनी होगी।
इससे पहले निर्वाचन आयोग ने मई से अगस्त के बीच संशोधन प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग तारीखों पर आदेश जारी किए थे। 14 मई के बाद 15 जुलाई, फिर 4 अगस्त और 19 अगस्त को भी आदेश जारी हुए। इसके बाद सितंबर में दिल्ली और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से कार्यक्रम में बदलाव के लिए अनुरोध किया गया।
दिल्ली की ओर से 23 सितंबर और महाराष्ट्र की ओर से 24 सितंबर को भेजे गए अनुरोध के बाद आयोग ने परिस्थितियों पर विचार करते हुए नया कार्यक्रम घोषित किया। शनिवार को जारी आदेशों में दोनों के लिए संशोधित व्यवस्था स्पष्ट की गई है।
मतदाता सूची किसी भी चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होती है। इसमें दर्ज मतदाताओं के विवरण को सही और अद्यतन बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग विभिन्न प्रकार की पुनरीक्षण प्रक्रियाएं संचालित करता है। विशेष गहन संशोधन भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है। इसमें मतदाता सूची से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा और निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक बदलाव किए जाते हैं।
फिलहाल निर्वाचन आयोग के ताजा आदेश के बाद दिल्ली और महाराष्ट्र में SIR की प्रक्रिया संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ेगी। आयोग ने इसके लिए 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की है। दिल्ली और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की मांग के बाद किए गए इस बदलाव के तहत अब मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन से संबंधित आगे की प्रक्रिया नए कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगी।
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