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दिल्ली-एनसीआर
वयस्क कोरोना रोगियों के लिए संशोधित गाइडलाइंस जारी, मरीजों को तीन श्रेणियों में बांटा गया
Deepa Sahu
17 Jan 2022 10:36 PM IST

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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत कोविड-19 नेशनल टास्क फोर्स ने वयस्क कोरोना रोगियों के प्रबंधन के लिए संशोधित नैदानिक मार्गदर्शन जारी किया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत कोविड-19 नेशनल टास्क फोर्स ने वयस्क कोरोना रोगियों के प्रबंधन के लिए संशोधित नैदानिक मार्गदर्शन जारी किया है। इसमें कोरोना के हल्के लक्षणों (माइल्ड), मध्यम लक्षणों (मॉडरेट) और गंभीर लक्षणों (सेवेयर) और उपचार की जानकारी दी गई है।
इसमें बताया गया है कि होम आइसोलेशन में किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए। किन हालात में रोगियों को ऑक्सीजन दिया जाए और मामला गंभीर होने पर क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
मरीजों को तीन वर्गों में बांटा गया
नई गाइडलाइन में कोरोना पाजिटिव पाए गए वयस्कों को तीन वर्गों में बांटा गया है। इनमें हल्के, मध्यम और गंभीर श्रेणी के मरीज शामिल हैं। संशोधित गाइडलाइन में तीनों प्रकार के मरीजों के लक्षणों, एहतियात और उपचार के बारे में जानकारी दी गई है।
COVID-19 National Task Force under Ministry of Health and Family Welfare releases revised clinical guidance for the management of adult COVID-19 patients pic.twitter.com/x4R6ZntVnz
— ANI (@ANI) January 17, 2022
अब नई गाइडलाइन के मुताबिक, कोविड-19 के माइल्ड केस में उन्हें रखा जाएगा जिन्हें बिना सांस लेने में तकलीफ के साथ संक्रमण है। ऐसे रोगियों को घर पर आइसोलेशन का पालन करना होगा। टास्क फोर्स की ओर से ऐसे रोगियों को शारीरिक दूरी बनाए रखने, हाथों की स्वच्छता के साथ घर में भी मास्क का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है। हल्के कोविड से पीड़ित मरीजों को केवल सांस लेने में कठिनाई पर चिकित्सा सहायता लेने को कहा गया है। ऐसे मरीजों को तेज बुखार या पांच दिनों से अधिक समय तक गंभीर खांसी होने की स्थिति में चिकित्सा सहायता लेने को कहा गया है।
पीएम मोदी ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 के मसले पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी जिसमें अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए गए थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने इस बैठक में बताया था कि इस समीक्षा बैठक के बाद मंत्रालय ने कोविड मरीजों की डिस्चार्ज नीति में बदलाव किया है। लव अग्रवाल ने बताया कि नई नीति के तहत कोविड-19 मरीजों की स्थिति को तीन भागों (हल्के, मध्यम और गंभीर) में बांटा गया है। बैठक में कोविड टास्क फोर्स के उच्चाधिकारी भी मौजूद थे।
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