दिल्ली-एनसीआर

भारत-जर्मनी की दोस्ती की गूंज, दोनों देशों के सैन्य बैंड ने दिया संयुक्त संगीतमय प्रदर्शन

SHIDDHANT
29 Oct 2025 10:19 PM IST
भारत-जर्मनी की दोस्ती की गूंज, दोनों देशों के सैन्य बैंड ने दिया संयुक्त संगीतमय प्रदर्शन
x
Delhi दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कर्त्तव्य पथ पर मंगलवार शाम संगीत और मित्रता का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भारतीय वायुसेना बैंड और जर्मन सशस्त्र बलों के माउंटेन बैंड ने संयुक्त रूप से एक शानदार प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक संगीतमय कार्यक्रम में दोनों देशों के संगीतकारों ने सुरों के जरिए न सिर्फ कला का अद्भुत प्रदर्शन किया, बल्कि भारत और जर्मनी के बीच गहरे होते सांस्कृतिक एवं कूटनीतिक रिश्तों की नई मिसाल पेश की।
इस अवसर पर जर्मनी के 51 और भारतीय वायुसेना के 48 संगीतकारों ने मिलकर करीब एक घंटे तक विभिन्न देशभक्ति और पारंपरिक धुनों की प्रस्तुति दी। दोनों बैंड्स के संयुक्त प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी भारतीय शास्त्रीय वाद्ययंत्रों की गूंज सुनाई दी, तो कभी जर्मन पारंपरिक धुनों की मधुर लय ने माहौल को रंगीन बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत जर्मन माउंटेन म्यूजिक बैंड ने बवेरिया की लोक धुनों से की, जिसके बाद भारतीय वायुसेना बैंड ने देशभक्ति की भावनाओं से भरी “सारे जहां से अच्छा” और “कदम कदम बढ़ाए जा” जैसी रचनाएं प्रस्तुत कीं। जब दोनों बैंड्स ने एक साथ मिलकर “ओड टू जॉय” और “वंदे मातरम” की धुनें बजाईं, तो पूरा कर्त्तव्य पथ तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस अवसर पर कर्नल क्लाउस विल्ली मर्केल (Colonel Klaus Willi Merkel) ने कहा, “आपने महसूस किया होगा कि संगीत और दोस्ती की कोई सीमा नहीं होती। इस ऐतिहासिक स्थल पर भारत और जर्मनी के सैन्य बैंड का एक साथ प्रदर्शन हमारे देशों के बीच सहयोग और सद्भाव का प्रतीक है। भारतीय वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह के संयुक्त कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक साझेदारी को मजबूत करते हैं, बल्कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ और सौहार्द को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि संगीत संवाद का सबसे सुंदर माध्यम है, जो भाषाओं और सीमाओं से परे जाकर दिलों को जोड़ता है।
इस संगीतमय शाम में बड़ी संख्या में दिल्लीवासी, राजनयिक और रक्षा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने खड़े होकर दोनों देशों के कलाकारों का अभिवादन किया और इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में कैद किया। कार्यक्रम के अंत में दोनों बैंड्स को दर्शकों की ओर से स्टैंडिंग ओवेशन मिला। यह संयुक्त प्रस्तुति केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह दो देशों की साझी भावना, परस्पर सम्मान और शांति के संदेश का जीवंत उदाहरण बन गई।
Next Story