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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 7 सितंबर को निकाली गई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम हुई सुपरहिट

Admin Delhi 1
17 Oct 2022 3:21 PM GMT
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 7 सितंबर को निकाली गई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम हुई सुपरहिट
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एनसीआर नॉएडा न्यूज़: योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास घर बसाने का सपना देख रहे लोगों को अथॉरिटी की ओर से 7 सितंबर को निकाली गई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम खुब भा रही है। आवेदन करने की तिथि बढाकर 14 अक्टूबर कर दिए जाने के बाद स्कीम में आवेदन करने वाले लोगों की बाढ सी आने लगी है। यमुना प्राधिकरण की कुल 477 प्लॉट की स्कीम के लिए अभी तक 79,795 लोगों ने आवेदन की फीस जमा कर दी है।

120 वर्ग मीटर प्लॉट के लिए ज्यादा भीड़: यमुना अथॉरिटी से मिली जानकारी के अनुसार 60 वर्ग मीटर प्लॉट की संख्या 16 हैं, इनके लिए 3,498 लोगों ने आवेदन किया है। 90 वर्ग मीटर के 19 प्लॉट हैं, इनके लिए 3,065 लोगों ने आवेदन किए हैं। 120 वर्ग मीटर प्लॉट के 262 प्लॉट हैं, इसके लिए 42,553 लोगों ने आवेदन किया हैं। 162 वर्ग मीटर साईज के 40 प्लॉट हैं, इनके लिए 4,409 लोगों ने आवेदन किया है।

300 वर्ग मीटर के लिए 12,570 आवेदन आए: जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बसने का सुनहरा मौका है। यमुना अथॉरिटी ने आवासीय भूखंड योजना लॉन्च की है। इस एरिया में घर बनाने के लिए प्लॉट की मांग बढ़ गई है। इसके अलावा 200 वर्ग मीटर के 67 प्लॉट के लिए 11,861 लोगों ने आवेदन किया। 300 वर्ग मीटर के 56 प्लॉट के लिए 12,570 लोगों ने आवेदन किया। 500 वर्ग मीटर के 5 प्लॉट के लिए 792 लोगों ने आवेदन किया। 1000 वर्ग मीटर के 8 प्लॉट के लिए 860 लोगों ने आवेदन किया और 2000 वर्ग मीटर के 4 प्लॉट के लिए 187 लोगों ने आवेदन किया।

आवेदकों के लिए खरीदा 100 जीबी डाटा: यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ.अरुणवीर सिंह का कहना है कि इस स्कीम के तहत भूखंडों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। इस स्कीम में आवेदन करने के लिए अभी तक 7 अक्टूबर की अंतिम तिथि तय की गई थी, लेकिन 7 अक्टूबर तक सभी लोग आवेदन की फीस जमा नहीं कर पाए थे। जिसकी वजह से अब आवेदन की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर तक कर दी गई है। इसके लिए यमुना प्राधिकरण ने 100 जीबी डाटा भी खरीद लिया है। जिसकी वजह से आवेदन करने वाले लोगों को कोई दिक्कत ना हो और आसानी से पूरा रजिस्ट्रेशन हो जाए।

किसानों और उद्यमियों को मिलेगा आरक्षण: यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने बताया कि इस रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम में किसानों को 17.5% आरक्षण दिया जाएगा। मतलब, कुल भूखंडों में से 17.5% भूखंड यमुना अथॉरिटी की विकास योजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों को आवंटित किए जाएंगे। इसी तरह 5% भूखंड उद्यमियों, वाणिज्यिक और संस्थागत आवंटियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। शर्त यह है कि कम्पनी, संस्था या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स फंक्शनल होना चाहिए।

एससी-एसटी को पंजीकरण शुल्क में छूट: डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि भूखंडों की आवंटन 18,510 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। आवेदकों को भूखंड की कुल कीमत का 10% बतौर पंजीकरण शुल्क चुकाना है। अनुसूचित जाति और जनजाति से ताल्लुक रखने वाले आवेदकों को केवल 5% पंजीकरण शुल्क जमा करना है। सफल आवेदकों को बाकी 90% पैसे का भुगतान आवंटन पत्र जारी होने के बाद 60 दिनों के भीतर करना होगा। आवेदन के साथ यमुना अथॉरिटी की वेबसाइट पर जाकर पैसे जमा कर सकते हैं। आवेदन के समय कुल कीमत का 10% पैसा जमा करना अनिवार्य होगा।

तीन भुगतान विकल्प उपलब्ध रहेंगे

इस योजना के आवेदकों को तीन भुगतान विकल्प दिए गए हैं। इनमें से किसी एक को चुनना है। पहला विकल्प एकमुश्त भुगतान का है। मतलब, सफल आवेदक शेष 90% पैसा 60 दिनों में चुकाएगा। दूसरा विकल्प 50% एकमुश्त भुगतान और फिर बाकी 40% पैसा किस्तों में चुकाने का है। तीसरा विकल्प शेष 90% धनराशि पांच वर्षों में छमाही किस्तों का है।

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