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BRICS शिखर सम्मेलन के बाद नेताओं के बीमार होने की खबरें फर्जी, विदेश मंत्रालय ने किया खंडन

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद कई विश्व नेता बीमार पड़ गए हैं। मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेकिंग यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लोगों को ऐसी अपुष्ट जानकारी से सावधान रहने की सलाह दी। मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही ऐसी पोस्ट भ्रामक हैं और लोगों को बिना पुष्टि किए किसी भी जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
Fake Alert!!! 🚨🚨🚨
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) September 17, 2026
We caution against such malicious posts on social media platforms! pic.twitter.com/NRu6Dfk7Yj
विदेश मंत्रालय ने जारी किया फेक अलर्ट
MEA की फैक्ट-चेकिंग यूनिट ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "फेक अलर्ट!!! हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी भ्रामक पोस्ट के खिलाफ चेतावनी देते हैं।"
PRESIDENT RAMAPHOSA BOOKED OFF FROM PUBLIC ENGAGEMENTS
— The Presidency 🇿🇦 (@PresidencyZA) September 16, 2026
The Presidency wishes to advise that, due to ill health, President @CyrilRamaphosa is currently booked off from public engagements.
President Ramaphosa, who returned from the BRICS Summit in India on Monday, has been…
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हुए नेताओं के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे तथ्यहीन हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे ऐसी खबरों को आगे साझा करने से पहले उनकी सत्यता की जांच जरूर करें।
सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी गलत जानकारी
PRESIDENT RAMAPHOSA BOOKED OFF FROM PUBLIC ENGAGEMENTS
— The Presidency 🇿🇦 (@PresidencyZA) September 16, 2026
The Presidency wishes to advise that, due to ill health, President @CyrilRamaphosa is currently booked off from public engagements.
President Ramaphosa, who returned from the BRICS Summit in India on Monday, has been…
दरअसल, सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म पर ऐसी पोस्ट वायरल हो रही थीं, जिनमें दावा किया गया था कि BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद कई देशों के नेता बीमार हो गए हैं।
इन पोस्ट में बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के कई तरह के दावे किए जा रहे थे। मामले की जानकारी सामने आने के बाद विदेश मंत्रालय ने हस्तक्षेप करते हुए इन खबरों को गलत बताया।
सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
विदेश मंत्रालय ने कहा कि डिजिटल दौर में गलत और भ्रामक जानकारी तेजी से फैल सकती है। ऐसे में लोगों को किसी भी संवेदनशील या महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने से पहले उसके स्रोत की जांच करनी चाहिए।
मंत्रालय की ओर से समय-समय पर सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों को लेकर फैक्ट चेक जारी किए जाते हैं। इसका उद्देश्य लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकना है।
BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे कई नेता
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। सम्मेलन के दौरान वैश्विक मुद्दों, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बाद सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक दावे सामने आए, जिन्हें विदेश मंत्रालय ने तुरंत खारिज कर दिया।
आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील
विदेश मंत्रालय ने लोगों से कहा कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और नेताओं से जुड़ी खबरों के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर मौजूद हर जानकारी सही नहीं होती और कई बार गलत सूचनाएं भ्रम पैदा कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के दौर में फर्जी खबरों की पहचान करना जरूरी हो गया है। किसी भी खबर की पुष्टि विश्वसनीय समाचार माध्यमों या संबंधित संस्थानों के आधिकारिक बयान से की जानी चाहिए।
फैक्ट चेक यूनिट की भूमिका
सरकार की फैक्ट-चेकिंग यूनिट सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचनाओं की पहचान कर लोगों को जागरूक करती है। यह यूनिट समय-समय पर वायरल दावों की जांच कर उनकी वास्तविकता सामने रखती है।
BRICS सम्मेलन से जुड़े इस मामले में भी फैक्ट-चेक यूनिट ने तेजी से कार्रवाई करते हुए वायरल दावों को गलत बताया।
गलत सूचनाओं से बचने की जरूरत
विदेश मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण के बाद साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर चल रही नेताओं के बीमार होने वाली खबरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें और बिना जांचे-परखे किसी भी जानकारी को साझा न करें।
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत को सामने ला दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।





