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पीड़ित परिवार को राहत महिला आयोग ने दिया कानूनी सहयोग का आश्वासन
Ratna Netam
20 Sept 2026 8:18 PM IST

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नई दिल्ली। दिल्ली में नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने चिंता जताई है। आयोग की अध्यक्ष **लता गुप्ता** ने रविवार को इस घटना को बेहद दर्दनाक और चिंताजनक बताते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।लता गुप्ता ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने पीड़ित परिवार को **कानूनी सहायता, परामर्श और न्यायिक सहायता** उपलब्ध कराने की बात कही।
घटना को बताया बेहद गंभीर
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता ने कहा कि नाबालिग के साथ हुई यह घटना समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि दिल्ली महिला आयोग ऐसी घटनाओं को रोकने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लगातार काम कर रहा है।
पीड़ित परिवार से की थी मुलाकात
लता गुप्ता ने बताया कि वह पहले पीड़ित परिवार से मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि परिवार इस समय गहरे मानसिक आघात से गुजर रहा है और उनकी स्थिति बेहद कमजोर है।उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि मुश्किल समय में आयोग उनके साथ खड़ा रहेगा और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कानूनी और न्यायिक सहायता का भरोसा
महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि आयोग की ओर से परिवार को सभी जरूरी कानूनी सहायता, काउंसलिंग और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस से पारदर्शी जांच की मांग
लता गुप्ता ने पुलिस विभाग से मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए।उन्होंने बताया कि मामले में चार आरोपियों की बात सामने आई है, जिनमें तीन नाबालिग बताए जा रहे हैं। आयोग ने पुलिस से सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है।
स्वरूप नगर इलाके का मामला
यह मामला दिल्ली के **स्वरूप नगर इलाके** से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, 13 सितंबर की सुबह पुलिस को कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास एक खुले मैदान में नाबालिग का शव मिला था।शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
जांच और कार्रवाई पर नजर
नाबालिग से जुड़े अपराधों में जांच प्रक्रिया बेहद संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे मामलों में पुलिस को साक्ष्य जुटाने, पीड़ित परिवार को सहयोग देने और कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है।महिला आयोग भी ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने का काम करता है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
इस घटना के बाद एक बार फिर बच्चों और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए समाज, प्रशासन और कानून व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों को मिलकर काम करने की जरूरत है।सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों को जागरूक करना और शिकायत तंत्र को मजबूत बनाना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
आयोग ने दिए सहयोग के संकेत
दिल्ली महिला आयोग ने कहा है कि वह मामले पर नजर बनाए रखेगा और पीड़ित परिवार को जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।आयोग ने यह भी कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन होना जरूरी है।
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