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Lalu Yadav को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 6 महीने में अपील निपटाने का आदेश

Ratna Netam
14 July 2026 4:47 PM IST
Lalu Yadav  को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 6 महीने में अपील निपटाने का आदेश
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New Delhi नई दिल्ली : नई दिल्ली/रांची। चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट की ओर से दी गई राहत को बरकरार रखते हुए उनकी जमानत और सजा निलंबन के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि लालू प्रसाद यादव की लंबित आपराधिक अपील का निपटारा छह महीने के भीतर किया जाए। अदालत ने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश को करीब सात साल हो चुके हैं, इसलिए लंबित अपील पर जल्द फैसला होना चाहिए।

न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने हाईकोर्ट द्वारा लालू प्रसाद यादव को दी गई राहत को जारी रखा। पीठ ने कहा कि मामले में अंतिम निर्णय आने तक पहले से जारी आदेश प्रभावी रहेगा।

दरअसल, देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाले के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को जमानत दी थी और उनकी सजा को अंतिम फैसला आने तक निलंबित रखा था। इस आदेश के खिलाफ चुनौती दी गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

सीबीआई की ओर से दायर मामले में आरोप था कि देवघर कोषागार से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी। यह मामला चारा घोटाले के कई मामलों में से एक है, जिसमें बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराया गया था।

चारा घोटाला बिहार के समय का बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामला रहा है, जिसमें पशुपालन विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी धन की निकासी के आरोप लगे थे। अलग-अलग कोषागारों से अवैध निकासी से जुड़े कई मामले दर्ज किए गए थे।

लालू प्रसाद यादव को इन मामलों में अलग-अलग अदालतों से सजा सुनाई गई थी। देवघर कोषागार मामले में सजा के बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान उन्हें राहत देते हुए जमानत प्रदान की थी और सजा पर रोक लगाई थी।

सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के आदेश के बाद फिलहाल लालू प्रसाद यादव को मिली राहत बरकरार रहेगी। हालांकि, मामले का अंतिम फैसला झारखंड हाईकोर्ट में लंबित आपराधिक अपील के निपटारे के बाद ही होगा।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लालू प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। राजद की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश को राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

अब झारखंड हाईकोर्ट को छह महीने के भीतर लंबित अपील पर फैसला करना होगा। अदालत के इस निर्देश के बाद लंबे समय से लंबित इस मामले के जल्द निपटारे की उम्मीद बढ़ गई है।

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