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ATF समेत पेट्रोल डीजल पर टैक्स में कटौती
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती कर दी है। सरकार के इस फैसले से तेल कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू उत्पादन को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। विंडफॉल टैक्स एक ऐसा अतिरिक्त कर होता है, जो सरकार उन कंपनियों पर लगाती है जिन्हें किसी विशेष परिस्थिति में अचानक अधिक मुनाफा होता है। भारत में यह टैक्स पहली बार 2022 में लगाया गया था, जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी और तेल कंपनियों को निर्यात से काफी फायदा हुआ था।
सरकार ने टैक्स दरों में किया बदलाव
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू विंडफॉल टैक्स की दरों में संशोधन किया गया है। इसमें पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाले अतिरिक्त कर को कम किया गया है। इस बदलाव का सीधा असर तेल कंपनियों के मुनाफे और परिचालन लागत पर पड़ेगा। कंपनियों को अब पहले की तुलना में कम अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करना होगा, जिससे उनके वित्तीय दबाव में कमी आने की संभावना है।
तेल कंपनियों को मिलेगी राहत
विंडफॉल टैक्स में कमी से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की तेल कंपनियों को फायदा मिल सकता है। लंबे समय से कंपनियां वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों और निर्यात मार्जिन को लेकर दबाव का सामना कर रही थीं। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और घरेलू जरूरतों को देखते हुए विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। कीमतों में बदलाव के आधार पर इसकी दरों में बढ़ोतरी या कटौती की जाती है।
आम ग्राहकों पर क्या होगा असर
हालांकि विंडफॉल टैक्स में कटौती से तेल कंपनियों को सीधा लाभ मिलेगा, लेकिन इसका पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर तत्काल असर पड़ना जरूरी नहीं है। ईंधन की कीमतें कई अन्य कारकों जैसे कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत, रुपये की विनिमय दर और अन्य शुल्कों पर निर्भर करती हैं। एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर टैक्स घटने से विमानन क्षेत्र की कंपनियों को भी राहत मिल सकती है। इससे एयरलाइंस की लागत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
सरकार रख रही है बाजार पर नजर
केंद्र सरकार लगातार वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विंडफॉल टैक्स में बदलाव इसी नीति का हिस्सा है, जिसमें सरकार राजस्व और उद्योग दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करती है।
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