- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- रेखा गुप्ता का...
दिल्ली-एनसीआर
रेखा गुप्ता का छात्राओं को संदेश सुरक्षा के साथ खुद को दें प्राथमिकता
Ratna Netam
30 Sept 2026 3:16 PM IST

x
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मैत्रेयी कॉलेज में आयोजित ‘परंपरा से प्रगति’ कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और उनके खिलाफ गलत काम करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री ने छात्राओं से अपने जीवन, करियर और व्यक्तिगत विकास को भी प्राथमिकता देने की अपील की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद छात्राओं को संबोधित करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अक्सर अपने परिवार की जरूरतों को अपनी जरूरतों से पहले रखती हैं। परिवार की देखभाल और जिम्मेदारियों के बीच कई बार वे अपने सपनों, शिक्षा, करियर और व्यक्तिगत विकास को पीछे छोड़ देती हैं। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि परिवार का ध्यान रखने के साथ स्वयं के भविष्य के बारे में सोचना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “लड़कियों और महिलाओं में अक्सर एक कमी होती है कि वे सोचती हैं कि उन्हें अपने लिए कुछ नहीं करना है और वे सिर्फ अपने परिवार के लिए काम करना चाहती हैं। लेकिन सबसे पहले खुद को चुनें।” उन्होंने छात्राओं से कहा कि अपनी पहचान बनाने और अपने सपनों को पूरा करने को स्वार्थ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
रेखा गुप्ता ने युवतियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता को अपनी ताकत बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना केवल उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवार और समाज भी मजबूत होता है। जब कोई महिला शिक्षा और कौशल के जरिए आत्मनिर्भर होती है तो वह अपने जीवन से जुड़े फैसले अधिक आत्मविश्वास के साथ ले सकती है।
मैत्रेयी कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय का महिला कॉलेज है और छात्राओं की शिक्षा तथा समग्र विकास पर केंद्रित है। कॉलेज की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यहां करीब चार हजार छात्राएं और 17 से अधिक विभाग हैं। संस्थान अपने शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों के जरिए छात्राओं के कौशल और आत्मनिर्भरता पर भी काम करता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लड़कियों और महिलाओं को ऐसा माहौल मिलना चाहिए जिसमें वे बिना डर के पढ़ाई, काम और अपने दूसरे दैनिक कार्य कर सकें। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं के खिलाफ गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला सुरक्षा को लेकर रेखा गुप्ता इससे पहले भी अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं को निर्देश दे चुकी हैं। 11 सितंबर को दिल्ली महिला आयोग के साथ बैठक में उन्होंने स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर अपराध और पॉक्सो कानून के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाओं और लड़कियों को अपने अधिकारों के साथ यह जानकारी होनी चाहिए कि किसी परेशानी की स्थिति में शिकायत कहां और कैसे करनी है।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि उनके सामने अवसरों की कमी नहीं है और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए। पढ़ाई पूरी करने के बाद करियर बनाने, कौशल सीखने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने की दिशा में लगातार प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने युवतियों को अपनी पसंद और भविष्य के फैसलों को लेकर आत्मविश्वास रखने का संदेश दिया।
रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में परिवार और व्यक्तिगत विकास के बीच संतुलन की बात भी रखी। उनका कहना था कि महिलाओं में अपने परिवार के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होती है, लेकिन इसके कारण उन्हें अपने विकास को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपनी क्षमताओं और इच्छाओं को समझें और अपने लिए भी लक्ष्य निर्धारित करें।
मुख्यमंत्री का संदेश खास तौर पर इस बात पर केंद्रित रहा कि सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं या सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। महिलाओं का खुद पर विश्वास करना, शिक्षा हासिल करना और अपनी प्राथमिकताएं तय करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक लड़की तभी आगे बढ़ सकती है जब उसे अपने फैसले खुद लेने और अपने सपनों का पीछा करने का अवसर मिले।
दिल्ली में महिला सुरक्षा पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली-NCR में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हालिया मामलों का स्वतः संज्ञान लेते हुए कानून-व्यवस्था और रोकथाम की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
इसी बीच दिल्ली सरकार ने छात्राओं और महिलाओं से जुड़े सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने महिला आयोग के साथ बैठक में शिकायतों के लिए ऑनलाइन सिस्टम को ज्यादा सरल और प्रभावी बनाने तथा महिलाओं को शिकायत की स्थिति के बारे में जानकारी देने वाली व्यवस्था पर जोर दिया था।
मैत्रेयी कॉलेज के कार्यक्रम में रेखा गुप्ता ने छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को परिवार और समाज में अपनी भूमिका निभाने के साथ अपने जीवन और करियर को भी महत्व देना चाहिए।
मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश यही रहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके साथ उनका आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर होना भी आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से अपने सपनों को प्राथमिकता देने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और जीवन में आगे बढ़ने के अवसरों का पूरा उपयोग करने की अपील की।
Next Story





