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रेखा गुप्ता ने बांटी साइकिलें, 1.40 लाख छात्राओं को लाभ

Kavita2
10 Aug 2026 3:11 PM IST
रेखा गुप्ता ने बांटी साइकिलें, 1.40 लाख छात्राओं को लाभ
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कक्षा 9 की 200 छात्राओं को साइकिल वितरित कीं। यह वितरण दिल्ली सरकार की ‘विद्या वाहिनी’ योजना के तहत किया गया। सरकार ने इस योजना की शुरुआत छात्राओं को शिक्षा से जोड़े रखने और स्कूल तक उनकी पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से की है।

योजना के तहत इस वर्ष दिल्ली भर में कक्षा 9 में पढ़ने वाली करीब 1.40 लाख छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलने से उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक असर पड़ेगा और शिक्षा के प्रति उनका जुड़ाव मजबूत होगा।

विधानसभा में हुआ साइकिल वितरण कार्यक्रम

मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं को साइकिलें सौंपीं। इस मौके पर छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। साइकिल मिलने के बाद छात्राओं ने इसे स्कूल आने-जाने के लिए उपयोगी बताया।

सरकार के अनुसार, ‘विद्या वाहिनी’ योजना को विशेष रूप से उन छात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिन्हें स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। साइकिल मिलने से उनके लिए आवागमन का साधन आसान होगा।

शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर

दिल्ली सरकार का मानना है कि माध्यमिक कक्षाओं में पहुंचने के बाद कई छात्राओं के सामने स्कूल आने-जाने से जुड़ी चुनौतियां बढ़ जाती हैं। दूरी, परिवहन की उपलब्धता और आने-जाने का खर्च कई परिवारों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

ऐसे में साइकिल उपलब्ध कराने से छात्राओं को स्कूल तक पहुंचने का एक आसान और अपेक्षाकृत सुविधाजनक साधन मिल सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि परिवहन संबंधी कठिनाइयों के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो।

कक्षा 9 शिक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस दौरान छात्राओं की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई जारी रखना आगे की शिक्षा के लिए आधार तैयार करता है।

इस साल 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगा लाभ

सरकार ने इस वर्ष दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में कक्षा 9 की करीब 1.40 लाख छात्राओं को योजना के तहत साइकिल देने का लक्ष्य रखा है। सोमवार को 200 छात्राओं को साइकिल वितरित करना इसी अभियान की शुरुआत का हिस्सा है।

इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार को विभिन्न स्कूलों और क्षेत्रों में वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी। इससे बड़ी संख्या में छात्राओं को स्कूल तक आने-जाने के लिए व्यक्तिगत परिवहन साधन उपलब्ध हो सकेगा।

सरकार के अनुसार, योजना का लाभ पात्र छात्राओं तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

छात्राओं के लिए आवागमन आसान बनाने की कोशिश

ग्रामीण और बाहरी इलाकों की तरह दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में भी स्कूल और घर के बीच दूरी छात्राओं के लिए चुनौती बन सकती है। सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता या परिवार के किसी सदस्य के साथ स्कूल जाने की आवश्यकता के कारण उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

साइकिल इस समस्या का एक सरल समाधान बन सकती है। छात्राएं अपनी सुविधा के अनुसार स्कूल आ-जा सकेंगी और उन्हें हर दिन परिवहन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

सरकार का मानना है कि इससे छात्राओं के आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

परिवारों पर परिवहन खर्च का बोझ कम होने की उम्मीद

साइकिल मिलने से छात्राओं के परिवारों को रोजाना के आने-जाने के खर्च से भी राहत मिल सकती है। खासकर ऐसे परिवार जहां एक से अधिक बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं, उनके लिए परिवहन खर्च अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है।

सरकार की योजना से ऐसे परिवारों को मदद मिलने की उम्मीद है। छात्राओं के लिए साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा जारी रखने में सहयोगी संसाधन के रूप में काम कर सकती है।

महिला शिक्षा से जोड़कर देखी जा रही योजना

‘विद्या वाहिनी’ योजना को छात्राओं की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि लड़कियों को माध्यमिक शिक्षा के बाद भी पढ़ाई जारी रखने के लिए अनुकूल माहौल मिले।

शिक्षा के स्तर पर लड़कियों की भागीदारी बढ़ने से लंबे समय में सामाजिक और आर्थिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार की ओर से छात्राओं के लिए विभिन्न सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में इस तरह की योजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

योजना के असर पर रहेगी नजर

अब योजना के तहत बड़ी संख्या में साइकिलों के वितरण के बाद इसके वास्तविक प्रभाव पर भी नजर रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि साइकिल मिलने से छात्राओं की स्कूल उपस्थिति, समय पर पहुंचने और पढ़ाई जारी रखने की स्थिति में कितना सुधार होता है।

स्कूलों और अभिभावकों की भूमिका भी इसमें महत्वपूर्ण होगी। छात्राओं को साइकिल का सुरक्षित और नियमित उपयोग करने के लिए जागरूक करना जरूरी होगा।

दिल्ली विधानसभा में 200 छात्राओं को साइकिल वितरण के साथ शुरू हुआ यह अभियान अब राजधानी की करीब 1.40 लाख छात्राओं तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सरकार को उम्मीद है कि ‘विद्या वाहिनी’ योजना छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ उनके आवागमन की समस्या को कम करने में भी मददगार साबित होगी।

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