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Rains का रौद्र रूप पहाड़ों से मैदान तक संकट, कई राज्यों में अलर्ट

Ratna Netam
3 Aug 2026 4:01 PM IST
Rains का रौद्र रूप पहाड़ों से मैदान तक संकट, कई राज्यों में अलर्ट
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नई दिल्ली/लखनऊ/पटना : देश के कई हिस्सों में मानसून अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड में बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं और कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में तेज बहाव के कारण पुल बहने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई है। दूसरी ओर बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई है।

मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड में लगातार बारिश से पहाड़ों पर मुश्किलें बढ़ गई हैं। चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जैसे जिलों में देर रात से हो रही तेज बारिश के कारण कई जगहों पर पहाड़ों से मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गईं। इसके चलते बद्रीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई प्रमुख सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं।

सड़कें बंद होने के कारण चारधाम यात्रा पर निकले कई श्रद्धालु रास्तों में फंस गए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हुई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

वहीं छत्तीसगढ़ में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बस्तर समेत कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं। तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। इसी बीच तेज बहाव के चलते एक पुल बह गया, जिससे आसपास के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील की गई है। राहत दलों को भी निगरानी के लिए तैनात किया गया है।

उत्तर प्रदेश में भी बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। प्रयागराज, वाराणसी और तराई क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई कॉलोनियां और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। शहरों में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई जगहों पर सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि प्रशासन और राहत टीमों को लोगों की मदद के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

दूसरी ओर बिहार और झारखंड में मौसम का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिला है। आकाशीय बिजली गिरने से दोनों राज्यों में 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें कई लोग खेतों में काम कर रहे थे या मवेशी चरा रहे थे। बिहार में छह और झारखंड में चार लोगों की वज्रपात की चपेट में आने से जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। साथ ही जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मानसून के इस दौर में देश के कई राज्यों में राहत और बचाव एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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