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दिल्ली में रामलीला का शुभारंभ विजेंद्र गुप्ता ने जलाया दीप

Ratna Netam
11 Oct 2026 8:28 PM IST
दिल्ली में रामलीला का शुभारंभ विजेंद्र गुप्ता ने जलाया दीप
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को पश्चिम विहार में श्री रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्री राम के जीवन और आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए युवा पीढ़ी तक उनके संदेश को पहुंचाने का आह्वान किया। उद्घाटन समारोह में दीप प्रज्वलित करने के बाद उन्होंने कहा कि रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने सत्य, धर्म, कर्तव्य और नैतिक आचरण को भारतीय सभ्यता की महत्वपूर्ण विशेषताएं बताते हुए कहा कि इन आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।पश्चिम विहार में श्री रामलीला समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रामलीला के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम का जीवन समाज को सही मार्ग पर चलने और अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है। रामलीला के माध्यम से इन आदर्शों को लोगों तक पहुंचाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
दीप प्रज्वलित कर रामलीला का किया शुभारंभ
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को पश्चिम विहार में आयोजित रामलीला समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और इसके बाद उपस्थित लोगों को संबोधित किया।इस अवसर पर उन्होंने रामलीला के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय समाज की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रामलीला के माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाता है, जिससे लोगों को उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।उन्होंने कहा कि रामलीला का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। यह आयोजन समाज को सत्य, धर्म और कर्तव्य के महत्व का संदेश भी देता है।
रामलीला भारतीय सभ्यता के मूल्यों का जीवंत रूप
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि रामलीला भारतीय सभ्यता के उन मूल्यों का जीवंत रूप है, जिन्होंने पीढ़ियों से समाज को दिशा देने का काम किया है।उन्होंने कहा, "रामलीला केवल भगवान श्री राम के जीवन की कहानी नहीं है, बल्कि सत्य, धर्म, कर्तव्य और नैतिक आचरण जैसे उन मूल्यों का जीवंत रूप है, जिन्होंने पीढ़ियों से भारतीय सभ्यता को बनाए रखा है।"गुप्ता ने कहा कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाता है। इन प्रसंगों में जीवन से जुड़े अनेक नैतिक संदेश छिपे होते हैं, जो व्यक्ति को अपने व्यवहार और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाते हैं।उन्होंने भारतीय संस्कृति में रामलीला की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जुड़े रहने का अवसर प्रदान करते हैं।
युवा पीढ़ी तक पहुंचाने होंगे भगवान राम के आदर्श
विजेंद्र गुप्ता ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी तक भगवान श्री राम के आदर्शों को पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से युवाओं को भारतीय परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराया जा सकता है।भगवान श्री राम के जीवन में सत्य, कर्तव्य और धर्म के पालन का विशेष महत्व रहा है। इन मूल्यों को रामलीला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे नई पीढ़ी को जीवन में सही निर्णय लेने और जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा मिल सकती है।उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को केवल भगवान श्री राम की जीवन कथा से परिचित कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों के महत्व को भी समझाना आवश्यक है।रामलीला में प्रस्तुत होने वाले प्रसंग परिवार, समाज और व्यक्तिगत जीवन में कर्तव्य पालन तथा नैतिक आचरण के महत्व को दर्शाते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सत्य, धर्म और कर्तव्य का संदेश देती है रामलीला
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि रामलीला में प्रस्तुत होने वाले भगवान श्री राम के जीवन प्रसंग सत्य, धर्म और कर्तव्य के महत्व को सामने लाते हैं।भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में सम्मान दिया जाता है। उनका जीवन कर्तव्यनिष्ठा, त्याग, संयम और नैतिक आचरण का प्रतीक माना जाता है।रामलीला के मंचन में इन आदर्शों को विभिन्न घटनाओं और संवादों के माध्यम से दर्शाया जाता है। इससे दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।गुप्ता ने अपने संबोधन में इसी सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि रामलीला की परंपरा ने पीढ़ियों से भारतीय सभ्यता के मूल्यों को बनाए रखने में योगदान दिया है।
सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान
पश्चिम विहार में आयोजित रामलीला के उद्घाटन समारोह में विजेंद्र गुप्ता ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की विशेषता उसके नैतिक मूल्यों और परंपराओं में निहित है। रामलीला जैसे आयोजन इन परंपराओं को जीवित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं।श्री रामलीला समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन और उनके आदर्शों को समाज के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में रामलीला के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए भगवान श्री राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।रविवार को पश्चिम विहार में रामलीला के उद्घाटन के साथ ही विजेंद्र गुप्ता ने यह संदेश दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन केवल परंपराओं के निर्वहन तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनके माध्यम से समाज में सत्य, धर्म, कर्तव्य और नैतिक आचरण जैसे मूल्यों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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