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दिल्ली-एनसीआर
स्वदेशी हथियारों से निर्यात तक रक्षा उत्पादन को नई रफ्तार देंगे राजनाथ सिंह
nidhi
1 Sept 2026 6:34 AM IST

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16 रक्षा कंपनियों के प्रदर्शन की समीक्षा आत्मनिर्भर भारत पर जोर
नई दिल्ली: भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 1 सितंबर को नई दिल्ली में 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (DPSU) के वार्षिक प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में स्वदेशी रक्षा तकनीक के विकास, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और रक्षा निर्यात को नई ऊंचाई देने पर विशेष चर्चा होगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में DPSU का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। इन कंपनियों का कुल कारोबार बढ़कर 1.29 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 15.4 प्रतिशत अधिक है। वहीं इन उपक्रमों ने 23,136 करोड़ रुपये का कुल लाभ दर्ज किया है। बैठक में रक्षा मंत्री देश की प्रमुख रक्षा कंपनियों की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और नई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। सरकार का लक्ष्य भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ दुनिया के प्रमुख रक्षा निर्यातकों में शामिल करना है।
रक्षा निर्यात बढ़ाने पर जोर
भारत पिछले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। DPSU के निर्यात में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 151.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार अब स्वदेशी हथियार प्रणालियों, सैन्य उपकरणों और तकनीक को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। राजनाथ सिंह लगातार रक्षा उत्पादन में घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने और विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, युद्धपोत, मिसाइल सिस्टम और अन्य सैन्य उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सात DPSU देंगे लाभांश चेक
बैठक के दौरान सात रक्षा कंपनियों के प्रमुख सरकार के इक्विटी हिस्से के लिए लाभांश चेक भी रक्षा मंत्री को सौंपेंगे। इनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), BEML और MIDHANI शामिल हैं।
चार महत्वपूर्ण किताबों का होगा विमोचन
कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह चार पुस्तकों का विमोचन भी करेंगे। इनमें 'आत्मनिर्भर DPSU: सेल्फ रिलायंस की यात्रा', रक्षा तकनीक को लेकर छात्रों में जागरूकता बढ़ाने वाली पहल 'दिशा', HAL का आधुनिकीकरण रोडमैप और स्वदेशीकरण रोडमैप शामिल हैं। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत की बढ़ती रक्षा उत्पादन क्षमता न केवल सेना की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि देश को वैश्विक रक्षा बाजार में मजबूत पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रक्षा निर्यात को कई गुना बढ़ाना है।
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