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SIR पर राजीव शुक्ला का बड़ा बयान बोले पात्र वोटरों के नाम न हटें
Ratna Netam
30 Sept 2026 4:35 PM IST

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नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने बुधवार को कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट है और चुनाव आयोग तथा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दल मिलकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग है कि किसी भी योग्य और वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए और जिन पात्र मतदाताओं के नाम हट गए हैं, उन्हें दोबारा जोड़ा जाए।
राजीव शुक्ला ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर INDIA गठबंधन के दलों के बीच चर्चा होगी। उनका कहना था कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि सभी पात्र नागरिक मतदान के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। ये विपक्ष की ओर से उठाई गई मांगें हैं और चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा है कि प्रमुख निर्णय आयोग के तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं।
राजीव शुक्ला का बयान ऐसे समय आया जब नई दिल्ली में INDIA गठबंधन के विभिन्न दलों ने बैठक कर चुनाव आयोग, मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी, वाम दलों और कई अन्य विपक्षी पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि करीब साढ़े तीन घंटे तक विभिन्न दलों के नेताओं के बीच चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि नेताओं ने अपनी-अपनी राय रखी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रूप से आगे बढ़ने पर सहमति जताई। विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
खड़गे ने बैठक के दौरान SIR से पहले की मतदाता सूचियों के इस्तेमाल, मतदाता सूची में बदलाव की अधिक जानकारी सार्वजनिक करने और जिन मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं उन्हें उचित सूचना तथा अपील का अवसर देने जैसी मांगें रखीं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की जरूरत पर भी जोर दिया। ये INDIA गठबंधन और कांग्रेस की राजनीतिक मांगें हैं।
इसी संदर्भ में राजीव शुक्ला ने कहा कि गठबंधन का जोर इस बात पर रहेगा कि वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहें। उन्होंने कहा कि SIR के मुद्दे पर विपक्षी दल आपसी चर्चा के बाद अपनी संयुक्त रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पूरा विपक्ष एक साथ खड़ा है।
INDIA गठबंधन ने बैठक के बाद चरणबद्ध विरोध कार्यक्रमों की घोषणा भी की है। इसके तहत 2 से 8 अक्टूबर तक विभिन्न जिलों में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों की ओर से चुनाव आयोग तक मार्च का कार्यक्रम भी घोषित किया गया है।
खड़गे ने कहा कि विपक्षी दल आपसी समन्वय बनाए रखते हुए चुनावी मुद्दों को जनता के बीच ले जाएंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए और दावा किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ये आरोप विपक्षी दलों की ओर से लगाए गए हैं और चुनाव आयोग ने उन्हें स्वीकार नहीं किया है।
चुनाव आयोग ने हाल के दिनों में SIR को लेकर उठे सवालों पर कहा है कि आयोग के भीतर किसी प्रस्ताव या प्रक्रिया पर अधिकारियों और चुनाव आयुक्तों के बीच सवाल-जवाब होना सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के मुताबिक SIR लागू करने से जुड़े अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।
मतदाता सूची से जुड़े तकनीकी और प्रक्रियागत सवालों के बीच चुनाव आयोग ने अपने वोटर-रोल सॉफ्टवेयर की समीक्षा भी शुरू की है। इसके लिए एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी और स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ की मदद से यह जांचने की प्रक्रिया शुरू की गई कि सॉफ्टवेयर और उससे जुड़े बदलाव कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप हैं या नहीं। आयोग ने यह भी कहा है कि जहां मतदाता विवरण में समस्या सामने आएगी, वहां स्थानीय अधिकारी सीधे मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया है। चुनाव आयोग के पोर्टल पर SIR-2026 के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध है, जिसमें मतदाता अपने नाम की स्थिति देख सकते हैं और संबंधित फॉर्म भर सकते हैं। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट रखना है।
विपक्ष का तर्क है कि किसी भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दस्तावेज या प्रशासनिक प्रक्रिया की वजह से पात्र मतदाता अपने मतदान अधिकार से वंचित न हों। राजीव शुक्ला ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि असली मतदाताओं के नाम वापस जोड़े जाएं और योग्य लोगों के नाम सूची से हटने न दिए जाएं।
दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में सुधार और सत्यापन चुनावी व्यवस्था की नियमित जिम्मेदारी है। आयोग ने अपने हाल के बयानों में आंतरिक मतभेदों की खबरों को अंतिम निर्णयों से अलग बताते हुए कहा है कि मसौदा स्तर पर सवाल उठना सामान्य है और अंतिम SIR फैसले सामूहिक रूप से लिए गए।
नई दिल्ली की बैठक के बाद साफ है कि SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष आने वाले दिनों में राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर अभियान तेज करेगा। राजीव शुक्ला ने INDIA गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा है कि विपक्ष इस मुद्दे पर साझा रुख के साथ आगे बढ़ेगा। वहीं चुनाव आयोग अपने फैसलों को नियमों और संस्थागत प्रक्रिया के अनुरूप बताता रहा है। आने वाले दिनों में घोषित विरोध कार्यक्रमों और आयोग की प्रतिक्रिया के साथ यह राजनीतिक विवाद और तेज हो सकता है।
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